परवेज/ खबर डिजिटल/भोपाल। राजधानी के वार्ड 74 स्थित दामखेड़ा में शासकीय राशन दुकान की बदहाली और अनियमित वितरण प्रणाली ने स्थानीय नागरिकों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। 11 मार्च से शुरू हुई वितरण प्रक्रिया पखवाड़े भर बाद भी पटरी पर नहीं लौट सकी है, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों परिवार दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं।
दोहरी मार: सुबह टोकन, शाम को राशन
स्थानीय निवासियों का गंभीर आरोप है कि दुकानदार ने अपनी मनमानी के तहत एक जटिल व्यवस्था लागू कर दी है। उपभोक्ताओं को सुबह 6 बजे से कड़ी धूप में टोकन के लिए खड़ा किया जाता है और राशन लेने के लिए शाम को दोबारा बुलाया जाता है। इस दोहरे चक्कर की प्रक्रिया के कारण मजदूरों की दिहाड़ी मारी जा रही है। कई हितग्राही पिछले 3-4 दिनों से लगातार दुकान की चौखट चूम रहे हैं, लेकिन उनके हाथ खाली हैं।
समय की अनिश्चितता और विवाद की स्थिति
जनता में आक्रोश का मुख्य कारण दुकान खुलने का कोई निश्चित समय न होना है। जहां बंद करने का वक्त तय है, वहीं दुकान कब खुलेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं होती। कभी टोकन के नाम पर तो कभी सर्वर के नाम पर उपभोक्ताओं को 2-3 दिन तक इंतजार करवाया जाता है। राशन वितरण में हो रही इस भारी देरी के कारण लाइन में खड़े लोगों के बीच आए दिन विवाद और तनाव की स्थिति निर्मित हो रही है।
25 तारीख का खौफ और प्रशासन से मांग
- क्षेत्रवासियों ने बताया कि महीने की 25 तारीख के बाद अक्सर दुकान बंद कर दी जाती है, जिससे गरीबों को अपना हक खोने का डर सता रहा है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि:
- राशन दुकान का समय कड़ाई से निर्धारित हो।
- टोकन व्यवस्था को पारदर्शी बनाकर भ्रष्टाचार खत्म किया जाए।
- भीषण गर्मी को देखते हुए वितरण स्थल पर छाया और पानी की व्यवस्था हो।
- यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो आक्रोशित जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।


