अरविंद तिवारी/ खबर डिजिटल/त्यौंथर (रीवा)। स्थानीय तहसील कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। तहसील अधिवक्ता संघ ने एकजुट होकर एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें नवनिर्मित भवन में कार्यालय स्थानांतरित करने और बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करने की पुरजोर मांग की गई है।
नए भवन के ताले खुलने का इंतजार
अधिवक्ताओं का कहना है कि नवीन तहसील भवन पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है और उद्घाटन की प्रतीक्षा में है। इसके बावजूद, वर्तमान में तहसील का संचालन पुराने और अस्थायी भवन से किया जा रहा है। प्रशासनिक सुस्ती के कारण करोड़ों की लागत से बना यह नया भवन अब तक आमजन और वकीलों के उपयोग में नहीं आ सका है, जो समझ से परे है।
आवागमन और सुविधाओं का अभाव
ज्ञापन के माध्यम से यह बात सामने आई कि वर्तमान अस्थायी कार्यालय शहर से दूर होने के कारण पक्षकारों और वकीलों को प्रतिदिन लगभग दो किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ता है। वहां न तो बैठने की समुचित व्यवस्था है और न ही पेयजल व अन्य नागरिक सुविधाएं। इससे न केवल वकीलों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को भी भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल
शिफ्टिंग के अलावा, अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार और लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण की मांग भी उठाई है। वकीलों का आरोप है कि फाइलों के लंबित होने से न्याय प्रक्रिया धीमी हो रही है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
अधिवक्ताओं ने दो-टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नवीन भवन में शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई और व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं, तो वे तहसील कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।


