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Friday, April 17, 2026
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तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने ऑटो को रौंदा, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत

जन्मदिन मनाकर लौट रहे परिवार के 5 सदस्यों की मौत

खबर डिजिटल/ ग्वालियर। शहर के परशुराम चौराहे के पास शुक्रवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। करीब 100 किमी/घंटा की रफ्तार से आ रही एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने माता के दर्शन कर लौट रहे परिवार के ऑटो को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो पेड़ से जा टकराया और उसमें सवार 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

​नानी ने खुद की जान देकर नाती को बचाया

​हादसे की सबसे भावुक तस्वीर मेरठ से आई नानी प्रीति कश्यप की रही। वह अपने नाती आरव के जन्मदिन में शामिल होने आई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, टक्कर के वक्त आरव अपनी नानी की गोद में था। मौत को सामने देख नानी ने मासूम को अपने कलेजे से चिपका लिया। आरव सुरक्षित बच गया, लेकिन उसकी रक्षक बनी नानी ने दम तोड़ दिया।

​रील में कैद थीं आखिरी खुशियां

​मृतका शगुन शाक्य को सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक था। हादसे से कुछ घंटे पहले तक वह बेहद खुश थीं। उन्होंने बेटे के जन्मदिन, कैला देवी मंदिर और शीतला माता के दर्शन के कई वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किए थे। वीडियो में पूरा परिवार मुस्कुराता दिख रहा है, जिन्हें देखकर यह यकीन करना मुश्किल है कि घर से महज 500 मीटर पहले मौत उनका इंतजार कर रही थी।

​कैसे हुआ हादसा?

​शुभम शाक्य का परिवार बेटे आरव का जन्मदिन मनाने के बाद रात करीब 10 बजे शीतला माता मंदिर के लिए निकला था। दर्शन कर लौटते समय ठाटीपुर क्षेत्र में पीछे से आ रही सफेद स्कॉर्पियो ने काल बनकर उन्हें टक्कर मारी। हादसे में शुभम, उनकी पत्नी शगुन, ताऊ इंद्रजीत, ताई लीला और सास प्रीति कश्यप की मौत हो गई। ऑटो चालक राजेश की हालत नाजुक बनी हुई है।

​नशे में धुत था आरोपी ड्राइवर

​हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी ड्राइवर अमन शर्मा भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे डायल 112 की टीम ने गोविंदपुरी के पास दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, ड्राइवर अत्यधिक नशे में था और कार के भीतर नमकीन के पैकेट बिखरे मिले। आरोपी चाणक्यपुरी का निवासी बताया जा रहा है।

​बुझ गया घर का चिराग

​हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परिवार में शवों को कंधा देने के लिए भी कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा था। इंद्रजीत शाक्य का कोई बेटा नहीं था और शुभम की मौत हो चुकी थी। अंततः जयपुर से आए रिश्तेदारों की मौजूदगी में मुरार मुक्तिधाम में चार शवों का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि प्रीति कश्यप का शव मेरठ ले जाया गया।

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