मनीष तिवारी/ खबर डिजिटल/जबलपुर। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता विवेक कृष्ण तन्खा ने देश की वर्तमान विदेश नीति और गहराते ईंधन संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली को दिशाहीन बताते हुए कहा कि गलत नीतियों का खामियाजा आज देश की जनता भुगत रही है।
विफल विदेश नीति और ईंधन का अभाव
सांसद तन्खा ने कहा कि सरकार की कूटनीतिक चूक के कारण आज देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की भारी किल्लत पैदा हो गई है। उन्होंने वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आम नागरिक ईंधन के लिए लंबी कतारों में खड़ा होने को मजबूर है। तन्खा के अनुसार, ईंधन संकट केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कमजोर होती पकड़ का परिणाम है।
इंदिरा गांधी के नेतृत्व का उदाहरण
तन्खा ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के कार्यकाल को याद करते हुए वर्तमान सरकार को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि इंदिरा जी ने कठिन से कठिन संकट के समय भी न केवल देश को, बल्कि पूरी दुनिया को वैचारिक रूप से तैयार किया था। उनके समय में संकट प्रबंधन की एक स्पष्ट दृष्टि थी, जिसका वर्तमान विदेश नीति में पूर्णतः अभाव दिख रहा है।
जनता के विश्वास में कमी
तन्खा ने आरोप लगाया कि सरकार ने समस्याओं को सुलझाने के बजाय उन्हें नजरअंदाज करने का रास्ता चुना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संकट के समय सरकार का दायित्व होता है कि वह जनता को विश्वास में ले, लेकिन पारदर्शिता की कमी के कारण सरकार की छवि और जनता का भरोसा, दोनों ही कम हुए हैं।
140 करोड़ भारतीयों की चिंता
अपने संबोधन के अंत में तन्खा ने स्पष्ट किया कि विपक्ष में होने के नाते वे इन विफलताओं पर राजनीति नहीं कर रहे हैं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सुरक्षित भविष्य के लिए अपनी गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने सरकार को आत्ममंथन करने और समय रहते अपनी गलतियों को सुधारने की सख्त सलाह दी है।


