शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ डिंडोरी। बच्चों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ की एक विचलित करने वाली तस्वीर डिंडोरी जिले के शाहपुरा जनपद से सामने आई थी, जहां ग्राम पंचायत देवगांव के पोषक ग्राम डोमदादर में मासूमों का खाना शौचालय के भीतर पकाया जा रहा था। हालांकि, खबर वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अस्वच्छ व्यवस्था पर रोक लगा दी है।
शौचालय बना रसोईघर
काफी समय से डोमदादर के आंगनवाड़ी और प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए दोपहर का भोजन (मिड-डे मील) स्कूल परिसर में बने शौचालय भवन के अंदर तैयार किया जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल और आंगनवाड़ी के पास अपना स्वयं का रसोई घर उपलब्ध नहीं था। इस बुनियादी सुविधा के अभाव में, रसोइयों को मजबूरीवश शौचालय के भीतर ही चूल्हा जलाकर खाना पकाने पर मजबूर होना पड़ा।
ग्रामीणों का आक्रोश और प्रशासनिक कार्रवाई
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन वर्षों तक कोई सुनवाई नहीं हुई। जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हुआ, प्रशासन हरकत में आया। शाहपुरा एसडीएम ऐश्वर्या वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। निर्देश मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और बीआरसी (BRC) मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
तत्काल समाधान और भविष्य की मांग
अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा तैयार कर शौचालय में खाना बनाने की प्रक्रिया को तुरंत बंद करवाया। वर्तमान में बच्चों का भोजन स्कूल के बरामदे में बनाने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। प्रशासन की इस फुर्ती से फिलहाल तो राहत मिली है, लेकिन ग्रामीणों में अब भी रोष है। उनका सवाल है कि इतने सालों तक जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान क्यों नहीं दिया? ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द स्कूल में एक पक्का और स्वच्छ रसोई घर निर्मित करे, ताकि बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक आहार मिल सके।


