खबर डिजिटल/भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एलपीजी सिलेंडर को लेकर मची अफरातफरी अब सामान्य हो रही है। पिछले कुछ दिनों से शहर में रोजाना 14,000 से अधिक गैस सिलेंडर बुक किए जा रहे थे, लेकिन पिछले दो दिनों में यह संख्या घटकर 11,000 पर आ गई है। खाद्य नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, अफवाहों के चलते उपभोक्ताओं ने डरकर एक्स्ट्रा सिलेंडर जमा करना शुरू कर दिया था, जिससे व्यवस्था लड़खड़ा गई थी। अब स्थिति यह है कि कई एजेंसियों के पास बुकिंग के लिए फोन तक नहीं आ रहे हैं।
पेंडिंग बुकिंग का आंकड़ा भी कम हुआ
दो दिन पहले तक हालात काफी चुनौतीपूर्ण थे। एक समय में बुकिंग का आंकड़ा 28 से 30 हजार तक पहुंच गया था, जबकि सप्लाई केवल 22 हजार सिलेंडर की ही हो पा रही थी। इसके कारण पेंडिंग बुकिंग बढ़कर 40 हजार के पार चली गई थी और लोगों को 4 से 5 दिन का इंतजार करना पड़ रहा था। वर्तमान में पेंडिंग बुकिंग का आंकड़ा घटकर 35 हजार से कम रह गया है।
बैरागढ़ में छापेमारी: 50 अवैध सिलेंडर जब्त
प्रशासनिक सख्ती के बीच मंगलवार को खाद्य विभाग की टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र में एक संदिग्ध स्थान पर दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान वहां से लगभग 50 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए। विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में सिलेंडर वहां किस उद्देश्य से जमा किए गए थे।
अफवाहों से बचें: पर्याप्त है गैस का स्टॉक
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भोपाल में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। भौंरी स्थित ऑयल डिपो से लगातार सप्लाई जारी है और गैस एजेंसियों के पास फिलहाल 5 से 6 दिन का एडवांस स्टॉक सुरक्षित है। केवल डर और गलत सूचनाओं के कारण लोगों ने जरूरत से ज्यादा बुकिंग की थी, जिससे कृत्रिम किल्लत पैदा हो गई थी।
