आज के समय में कई लोग अपनी जिंदगी में आने वाली परेशानियों को नकारात्मक ऊर्जा या काले जादू से जोड़कर देखते हैं. जब अचानक सब कुछ गलत होने लगे, मन अशांत रहने लगे या बिना वजह डर और चिंता महसूस हो, तो लोग इसे किसी बाहरी असर से जोड़ने लगते हैं. हालांकि इन बातों को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं. हालांकि कई बार नेगिटिव एनर्जी सच भी होती है.
ये है नेगिटिव एनर्जी से बचने के उपाय
काले जादू या नकारात्मक प्रभावों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए आध्यात्मिकता की ओर झुकाव जरूरी माना जाता है. इसका मतलब यह नहीं है कि आपको दिनभर पूजा-पाठ में लगे रहना है या जीवन को कठिन बना लेना है. असल बात यह है कि आप आध्यात्मिक चीजों को समझें, उनके बारे में पढ़ें और धीरे-धीरे उन्हें अपने जीवन में शामिल करें. आपको अपनी ऊर्जा को संभालना और सुरक्षित रखना सीखना चाहिए. इसके लिए ध्यान, योग और सही तरीके से सांस लेने की तकनीक काफी मददगार साबित होती हैं. इन अभ्यासों से मन शांत रहता है और अंदर से मजबूती मिलती है. अगर आप शुरुआत कर रहे हैं, तो किसी आध्यात्मिक गुरु या जानकार व्यक्ति से मार्गदर्शन लेना भी फायदेमंद हो सकता है.
हनुमान चालीसा को बेहद प्रभावशाली और शक्तिशाली पाठों में माना जाता है, जिसे कोई भी व्यक्ति पढ़ सकता है. यहां “कोई भी” का मतलब सिर्फ किसी एक धर्म या समुदाय से नहीं है, बल्कि हर इंसान से है. इसका किसी धर्म, जाति या पंथ से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता के लिए है. अपनी सुरक्षा और मानसिक मजबूती के लिए इसका पाठ करना लाभकारी माना जाता है. अगर किसी के पास पूरी हनुमान चालीसा पढ़ने का समय नहीं है, तो वह इससे जुड़ी कुछ खास पंक्तियों का भी जप कर सकता है. जैसे “संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बल बीरा” और “भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे”. इन पंक्तियों का नियमित उच्चारण भी सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक माना जाता है.
हनुमान चालीसा के बाद अगला महत्वपूर्ण पाठ दुर्गा सप्तशती का माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं में काले जादू को एक शक्तिशाली नकारात्मक प्रभाव बताया गया है, जिससे निपटना आसान नहीं होता. लेकिन माना जाता है कि मां दुर्गा की शक्ति से व्यक्ति हर तरह की बाधाओं पर विजय पा सकता है, जैसे उन्होंने महिषासुर और अन्य राक्षसों का संहार किया था. दुर्गा सप्तशती का पाठ व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाता है और सुरक्षा का एहसास कराता है. यही वजह है कि इन पवित्र ग्रंथों को जीवन में शामिल करने और नियमित रूप से पढ़ने की सलाह दी जाती है.
काले जादू या नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए एक और आसान उपाय महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना माना जाता है. इस मंत्र को सुनना भी लाभदायक बताया जाता है, लेकिन जिन लोगों को इसका सही उच्चारण नहीं आता, उन्हें खास तौर पर इसे सुनने की सलाह दी जाती है. गलत उच्चारण से बचना जरूरी है, क्योंकि इससे अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते. कहा जाता है कि इस मंत्र को 108 बार सुनना या जप करना ज्यादा प्रभावी होता है. जो लोग रोजाना 108 बार इसका जाप करते हैं, उनके लिए यह काफी सकारात्मक और असरदार साबित हो सकता है.
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