सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी (03 अप्रैल) – नगर निगम की विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत उस समय सामने आ गई जब निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने शहर के विभिन्न स्थलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई योजनाओं में धीमी प्रगति, लापरवाही और अव्यवस्थाएं उजागर हुईं, जिस पर निगमायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई।माधव नगर स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में कार्य अधूरा मिला। विद्युत फिटिंग का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है, जबकि प्लांट का ट्रायल रन शुरू किया जा चुका है। यह स्थिति विभागीय लापरवाही को दर्शाती है। निगमायुक्त को मजबूरन 10 दिन की सख्त समय-सीमा तय करनी पड़ी।अमीरगंज स्थित एफएसटीपी प्लांट में भी स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। प्लांट की क्षमता के अनुसार स्लज नहीं पहुंच रहा है, जिससे साफ है कि टैंक सफाई और मैनेजमेंट में गंभीर कमी है। वाहनों का नियमित रिकॉर्ड तक संधारित नहीं किया जा रहा, जो प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।सड़क निर्माण कार्यों में भी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हुए। कई स्थानों पर निर्माणाधीन सीसी सड़कों में तकनीकी खामियां और अधूरे कार्य नजर आए। रैंप और ज्वाइंट जैसी बुनियादी चीजों तक का ध्यान नहीं रखा गया, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो सकती है।अमीरगंज गौशाला में भी अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। शेड की कमी, सफाई व्यवस्था कमजोर और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं पाए गए। आवारा मवेशियों की समस्या पर भी प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखी।वहीं सुरम्य पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर रखरखाव की कमी स्पष्ट नजर आई। सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के नाम पर कार्य अधूरे हैं, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।अमृत योजना-2 के तहत बन रही पानी की टंकी का कार्य भी धीमी गति से चलता मिला, जिससे समय पर पेयजल आपूर्ति शुरू होने पर संशय बना हुआ है।निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए साफ कहा कि लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बावजूद इसके, लगातार सामने आ रही खामियां यह संकेत देती हैं कि जमीनी स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।समापन लाइन:नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का यह अंतर शहर की विकास व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
निगमायुक्त के निरीक्षण में खुली लापरवाही की पोल, कई योजनाओं में खामियां उजागर
सम्बंधित ख़बरें


