MP Nigam Mandal Update: मध्य प्रदेश में निगम, मंडल और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों का 28 महीनों का लंबा इंतजार अब खत्म होने के बेहद करीब है। शनिवार को राजधानी के सियासी गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल्ली रवाना होने से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अचानक सीएम हाउस पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात को नियुक्तियों की ‘अंतिम मुहर’ के तौर पर देखा जा रहा है।
शिवराज की ‘लिस्ट’ और दिल्ली का ‘सिग्नल’
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को अपने कट्टर समर्थकों की एक सूची सौंपी है। चर्चा है कि पूर्व मुख्यमंत्री चाहते हैं कि उनके कार्यकाल में हटाए गए या वफादार रहे वरिष्ठ नेताओं को इन नियुक्तियों में सम्मानजनक स्थान मिले।
हफ्ते में तीसरी बार दिल्ली दौरा: मुख्यमंत्री मोहन यादव पिछले सात दिनों में तीसरी बार दिल्ली जा रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि सूची अब पूरी तरह तैयार है। इससे पहले केंद्रीय नेतृत्व ने कुछ नामों पर आपत्ति जताते हुए सूची वापस भेजी थी, जिसे प्रदेश संगठन ने संशोधित कर लिया है।
रविवार को आ सकती है ‘खुशखबरी’
दिल्ली में आज होने वाली बैठक में राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में 50 से ज्यादा नामों पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। माना जा रहा है कि रविवार शाम तक या सोमवार सुबह पहली सूची सार्वजनिक हो सकती है।
विवादित चेहरों पर गिर सकती है गाज
सूत्रों का दावा है कि जिन नेताओं के नाम पर विवाद है या जिनके खिलाफ कार्यकर्ताओं में नाराजगी है, उन्हें इस पहली सूची से बाहर रखा जा सकता है। सरकार और संगठन का पूरा फोकस इस बार परफॉर्मेंस और समन्वय पर है।
दो साल का सूखा होगा खत्म
आपको बता दें कि 2024 में नई सरकार के गठन के बाद पिछली सरकार की सभी राजनीतिक नियुक्तियां निरस्त कर दी गई थीं। तब से अब तक ढाई साल बीत चुके हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं को पदों का इंतजार था। अब मोहन सरकार इस इंतजार को खत्म कर आगामी निकाय और पंचायत चुनावों से पहले संगठन को नई ऊर्जा देने की तैयारी में है।


