MLA Sanjay Pathak: मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों दिल्ली से आने वाली खबरें हलचल पैदा कर रही हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव की जंग और व्यस्त चुनावी कार्यक्रमों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री संजय सत्येंद्र पाठक को समय देकर सबको चौंका दिया है। अमित शाह के दिल्ली स्थित आवास पर हुई इस मुलाकात ने मध्य प्रदेश भाजपा के अंदर नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
क्यों खास ये मुलाकात?
दरअसल, संजय पाठक और अमित शाह की यह भेंट महज सौजन्य मुलाकात नहीं मानी जा रही है। इसके पीछे कई ठोस कारण और परिस्थितियां है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संजय पाठक की कुछ कंपनियां इन दिनों विवादों में हैं और वे मुख्यमंत्री के निशाने पर बताए जा रहे हैं। ऐसे में सीधे गृह मंत्री से मिलना उनके लिए एक मजबूत रक्षा कवच या शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल जैसे बड़े चुनाव के दौरान अमित शाह का संजय पाठक को लंबा समय देना यह संकेत देता है कि दिल्ली हाईकमान की नजरों में उनका कद बढ़ा है। खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि पाठक ने मुलाकात के दौरान कटनी जिले और अपनी विधानसभा विजयराघवगढ़ की परिस्थितियों से शाह को अवगत कराया है।
क्या संगठन में मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी?
सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में संजय पाठक को संगठन के अंदर कोई बड़ी जिम्मेदारी या पद सौंपा जा सकता है। पार्टी नेतृत्व कटनी और महाकौशल अंचल में अपनी पकड़ और अधिक मजबूत करने के लिए पाठक के अनुभव का उपयोग करना चाहता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन टाइमिंग और हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। क्या यह मुलाकात मध्य प्रदेश भाजपा की आंतरिक गुटबाजी को खत्म करेगी? या फिर संजय पाठक के राजनीतिक करियर में किसी नए अध्याय की शुरुआत होगी? इसका जवाब आने वाले कुछ दिनों में मिलना तय माना जा सकता है।


