भिंड (लहार): अपनी विवादित साख के लिए अक्सर चर्चाओं में रहने वाला लहार का शासकीय महाविद्यालय एक बार फिर परीक्षा में धांधली को लेकर सवालों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने कॉलेज की सुरक्षा और परीक्षा की धज्जियां उड़ा दी हैं। वीडियो में छात्र कॉलेज परिसर के ठीक बाहर बेखौफ होकर गाइड खोलकर ओएमआर शीट भरते नजर आ रहे हैं।
GPS लोकेशन के साथ ‘नकल’ का सबूत!
वायरल वीडियो के बारे में बताया जा रहा है कि यह बीएससी थर्ड ईयर के फाउंडेशन पेपर के दौरान का है। वीडियो में दो छात्र कॉलेज के बाहर बैठकर आराम से गाइड की मदद से ओएमआर शीट पर उत्तर भर रहे हैं। वीडियो में जीपीएस लोकेशन भी दिखाई दे रही है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि यह घटना कॉलेज परिसर के ठीक पास की ही है। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि परीक्षा के दौरान बाहर पुलिस बल तैनात रहता है, इसके बावजूद छात्रों ने खुलेआम गाइड से पेपर हल करने की जुर्रत कैसे की?
प्राचार्य की सफाई
मामला तूल पकड़ते ही शासकीय महाविद्यालय लहार के प्राचार्य डॉ. अंगद सिंह दौहरे बचाव में उतर आए हैं। उन्होंने वायरल वीडियो को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वीडियो में दिख रही ओएमआर शीट वैसी नहीं है जैसी कॉलेज द्वारा जारी की जाती है। प्राचार्य के मुताबिक, वे स्वयं परीक्षा के दौरान निगरानी कर रहे थे और परिसर के अंदर ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने आशंका जताई कि कोई भी व्यक्ति कहीं भी बैठकर ऐसा वीडियो बनाकर कॉलेज को बदनाम कर सकता है।
जांच और प्रशासन को पत्र
भले ही प्राचार्य इसे साजिश बता रहे हों, लेकिन उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। लीड कॉलेज, जीवाजी यूनिवर्सिटी, एडी और एसडीएम लहार को पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। प्राचार्य ने पुलिस को भी शिकायत देने की बात कही है ताकि वीडियो की सत्यता और लोकेशन की बारीकी से जांच हो सके।
पुराना है ‘नकल’ का नाता
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब लहार कॉलेज विवादों में आया हो। ठीक एक साल पहले भी यहाँ सामूहिक नकल और गाइड से पेपर हल करने के मामले उजागर हुए थे। बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने जीवाजी यूनिवर्सिटी की साख और जिला प्रशासन की सख्ती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


