सब-हेडलाइन:–जल गंगा अभियान और मनरेगा कार्यों में ढिलाई महंगी पड़ी, जिला पंचायत सीईओ की सख्त कार्रवाई
सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी,– 16 अप्रैल:जिले में शासकीय योजनाओं में लापरवाही बरतने वालों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 और महात्मा गांधी नरेगा योजना के कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने कड़ा एक्शन लेते हुए विजयराघवगढ़ में पदस्थ उपयंत्री पंचम लाल रैदास को उनके शासकीय कार्यों से पृथक कर दिया है।सिर्फ इतना ही नहीं, संबंधित उपयंत्री को जनपद पंचायत कटनी में अटैच करते हुए उनके मासिक पारिश्रमिक में भी 50 प्रतिशत की कटौती के आदेश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई विभागीय लापरवाही पर बड़ा संदेश मानी जा रही है।क्या है पूरा मामला?जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि उपयंत्री रैदास द्वारा मनरेगा के तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लेबर बजट, श्रमिक नियोजन, आधार ई-केवाईसी और जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों में कोई रुचि नहीं ली गई।स्थिति इतनी गंभीर रही कि उन्हें दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने कोई जवाब देना भी उचित नहीं समझा। इसे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की खुली अवहेलना और स्वेच्छाचारिता माना गया।अन्य को सौंपा गया प्रभाररैदास के कार्यक्षेत्र गैरतलाई का अतिरिक्त प्रभार अब अन्य उपयंत्री के.एल. पटेल को सौंप दिया गया है, ताकि लंबित कार्यों को समय पर पूरा कराया जा सके।जांच के भी आदेशजिला पंचायत सीईओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग कटनी के कार्यपालन यंत्री को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।सख्त संदेशप्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि अब योजनाओं में लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे।
कटनी से खबर डिजिटल संवाददाता सौरभ श्रीवास्तव
कटनी मो. 9131308097


