सबहेड:–तहसीलवार समीक्षा में सामने आई ढिलाई, सीएम हेल्पलाइन और राजस्व प्रकरणों में देरी पर फटकार
सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी –(18 अप्रैल):जिले में राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। कलेक्टर आशीष तिवारी ने साफ संकेत दिए कि राजस्व अमले की कार्यशैली में गंभीर खामियां बनी हुई हैं, जिसके चलते आम जनता को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है।बैठक में सामने आया कि नामांतरण, सीमांकन और बटवारे जैसे अहम प्रकरण लंबे समय से लंबित पड़े हैं। कई मामलों में 2 से 5 साल तक की देरी प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है। कलेक्टर ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में भी लापरवाही सामने आई। कई शिकायतें बिना संतोषजनक समाधान के लंबित पाई गईं, जिससे आमजन में असंतोष बढ़ रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।साइबर तहसील में पटवारी आईडी से जुड़े लंबित आवेदनों पर कार्रवाई न होने को गंभीर मानते हुए भू-अभिलेख प्रभारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। यह कदम विभागीय निष्क्रियता पर सीधे सवाल खड़ा करता है।अमृत सरोवर और जल संरचनाओं को लेकर भी स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। कई स्थानों पर रिकॉर्ड अपडेट नहीं हैं और अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है, जिस पर प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दिए हैं।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं के मामलों में भी अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी। कलेक्टर ने इन प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश देते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही।उधर, समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे। किसानों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायतों के बीच कलेक्टर ने निरीक्षण बढ़ाने और व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।कुल मिलाकर, समीक्षा बैठक ने साफ कर दिया कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में अभी भी कई खामियां हैं, जिन्हें सुधारना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।*


