Minister Prahlad Patel: मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर को लिखा गया एक पत्र है। मंत्री पटेल ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखकर अपने परिवार के 140 सदस्यों के लिए वीआईपी दर्शन की विशेष व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह पत्र 16 अप्रैल 2026 को जारी किया गया है। पत्र में मंत्री प्रहलाद पटेल ने जानकारी दी है कि उनके परिवार के 140 सदस्य अलग-अलग 5 समूहों में विभाजित होकर 6, 7 और 8 मई को भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन के लिए तिरुपति पहुंचेंगे। मंत्री ने मंदिर प्रबंधन से इन सभी सदस्यों के लिए VIP ब्रेक दर्शन की व्यवस्था करने की सिफारिश की है।
सोशल मीडिया पर बहस
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में परिजनों के लिए वीआईपी सुविधाओं की मांग करने वाला यह पत्र अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या व्यक्तिगत पारिवारिक यात्रा के लिए सरकारी रसूख का उपयोग उचित है?
क्या होता है VIP ब्रेक दर्शन?
आपको बता दें कि तिरुपति मंदिर में ब्रेक दर्शन की सुविधा VIPs या उनके द्वारा अनुशंसित लोगों को दी जाती है। इस दौरान सामान्य दर्शन को कुछ समय के लिए रोककर इन विशेष अतिथियों को दर्शन कराए जाते हैं। यह सुविधा कुछ चुनिंदा लोगों के लिए होती है, लेकिन एक साथ 140 लोगों की सूची ने सभी को चौंका दिया है।
क्या प्रबंधन देगा अनुमति?
फिलहाल तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक निर्णय नही आया है। हालांकि, माना जा रहा है कि एक कैबिनेट मंत्री की सिफारिश होने के नाते प्रबंधन इस पर विचार कर सकता है, लेकिन एक साथ इतनी बड़ी भीड़ को वीआईपी सुविधा देना मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए भी एक चुनौती हो सकता है।


