Datia By-Election 2026: मैं समंदर हूं, लौटकर जरूर आऊंगा… पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का यह शेर अब मध्य प्रदेश की राजनीति में हकीकत में बदलता दिख रहा है। दतिया विधानसभा सीट पर जिस तरह के समीकरण बन रहे हैं, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि नरोत्तम मिश्रा की सत्ता और संगठन में एक बार फिर धमाकेदार वापसी होने वाली है। वहीं, 2023 में उन्हें पटखनी देने वाले राजेंद्र भारती के लिए राहें अब कांटों भरी हो गई हैं।
जीत के बाद ‘हार’ का संकट?
साल 2023 के चुनाव में राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को करीब 7,000 वोटों से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। लेकिन ढाई साल के अंदर ही पासा पलट गया है। एक पुराने फर्जी एफडी मामले में सजा सुनाए जाने के बाद राजेंद्र भारती को विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। भारती ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर 28 अप्रैल को फैसला आना है। यह फैसला तय करेगा कि दतिया में उपचुनाव होंगे या भारती की सदस्यता बरकरार रहेगी।
नरोत्तम की बढ़ती सक्रियता
राजेंद्र भारती के अयोग्य होते ही नरोत्तम मिश्रा दतिया में सुपर एक्टिव हो गए हैं। हाल ही में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और नरोत्तम के बीच हुई क्लोज डोर मीटिंग ने चुनावी बुगुल फूंक दिया है। नरोत्तम मिश्रा को भाजपा के उस पावरफुल कोर ग्रुप में जगह मिली है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय जैसे दिग्गज शामिल हैं। कांग्रेस में सेंधमारी करने और विपक्ष को कमजोर करने में माहिर नरोत्तम को पार्टी एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है।
70 करोड़ का बम
बीते दिनों अपनी सीट और सियासी वजूद बचाने के लिए राजेंद्र भारती ने एक सनसनीखेज आरोप लगाकर सबको चौंका दिया था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारती ने दावा किया था कि एक केंद्रीय मंत्री के ओएसडी ने उनसे मुलाकात कर 70 करोड़ रुपये और निगम-मंडल में पद का ऑफर दिया था। ऑफर के बदले नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ चल रहे कानूनी मामले वापस लेने और भाजपा ज्वाइन करने की शर्त रखी गई थी। भारती ने कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग पर अपनी दिवंगत मां के अपमान का आरोप लगाते हुए भावुक अपील भी की। हालांकि, भाजपा ने इन तमाम आरोपों को आधारहीन बताकर सिरे से खारिज कर दिया है।
दतिया का अगला किंग कौन?
दतिया की बिसात बिछ चुकी है। एक तरफ नरोत्तम मिश्रा का बढ़ता दबदबा और संगठन का साथ है, तो दूसरी तरफ राजेंद्र भारती की कानूनी लड़ाई और उनके गंभीर आरोप 28 अप्रैल का अदालती फैसला दतिया के इस सियासी ड्रामे का अगला अध्याय लिखेगा।


