Kailash Vijayvargiya: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर, जिसे भाजपा का मजबूत किला माना जाता है, लेकिन वहां से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। भाजपा के दिग्गज नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ में आजीवन सहयोग निधि का संग्रह उम्मीद से काफी कम रहा है। प्रदेश संगठन द्वारा मांगे गए विधानसभावार हिसाब में यह क्षेत्र फिसड्डी साबित हुआ है।
आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
संगठन द्वारा की गई समीक्षा में यह बात सामने आई है कि इंदौर जिले से अब तक कुल 4.60 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। लेकिन जब विधानसभा स्तर पर गौर किया गया तो, इंदौर-1 से मात्र 48 लाख रुपये का संग्रह हुआ, जो बड़े विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से काफी कम है। वही इंदौर-3 शहर की सबसे छोटी विधानसभा होने के बावजूद यहां से 69 लाख रुपये जुटाए गए। तो वही राऊ विधानसभा से केवल 8 वार्डों वाले इस क्षेत्र से 30 लाख रुपये जमा हो चुके हैं। प्रदेश संगठन ने अब निर्देश दिए हैं कि 30 अप्रैल तक सभी जिला अध्यक्ष अपना पूरा हिसाब पेश करें। इसमें यह भी देखा जाएगा कि किस विधायक ने निधि संग्रह के अभियान में कितनी सक्रियता दिखाई है।
प्रशिक्षण वर्ग में ‘नाइट स्टे’ अनिवार्य
केवल चंदा ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को लेकर भी भाजपा ने नियम सख्त कर दिए हैं। भोपाल में हुई बैठक के बाद नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सांसद, विधायक और महापौर जैसे सभी जनप्रतिनिधियों को दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के दौरान वहीं रात्रि विश्राम करना होगा। अक्सर देखा गया है कि बड़े नेता सत्र छोड़कर घर चले जाते हैं, लेकिन इस बार संगठन ने कहा है कि कोई भी रात को वर्ग छोड़कर नहीं जाएगा।
इंदौर में होने वाले इस वर्ग में करीब 300 प्रमुख कार्यकर्ता शामिल होंगे, जिसमें 12 सत्रों के साथ योग और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। अभियान के प्रभारी गोलू शुक्ला और सह-प्रभारी हरप्रीत सिंह बक्शी अब अंतिम चरण की तैयारियों में जुट गए हैं ताकि 30 अप्रैल तक लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
