भोपाल मंडल के पश्चिम मध्य रेलवे ने दिव्यांग यात्रियों को बड़ी सुविधा देते हुए इस साल के शुरुआती चार महीनों में 261 रियायत कार्ड जारी किए हैं. इन कार्डों की मदद से दिव्यांग यात्रियों को ट्रेन टिकट में 25 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है. खास बात यह है कि उनके साथ यात्रा करने वाले सहयोगी को भी समान रियायत दी जाती है. रेलवे ने अब इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे आवेदन करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है. अब यात्रियों को बार-बार रेलवे कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. नई व्यवस्था के तहत यूडीआईडी कार्ड जरूरी कर दिया गया है.
यात्रियों की सुविधा के लिए कई इंतजाम
रेलवे ने स्टेशनों पर दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए कई इंतजाम भी किए हैं. यात्रियों को प्लेटफॉर्म से ट्रेन तक पहुंचाने के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाती है. इसके अलावा स्टेशन पर मौजूद एसटीडी और पीसीओ बूथों में 25 प्रतिशत बूथ दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित रखे गए हैं.
शारीरिक रूप से दिव्यांग लोगों को मिलेगी छूट
शारीरिक रूप से दिव्यांग ऐसे यात्री जो बिना सहायक के यात्रा नहीं कर सकते, उन्हें सेकंड क्लास, स्लीपर, फर्स्ट क्लास, एसी चेयर कार और एसी 3 टियर में 75 प्रतिशत तक किराया छूट मिलती है. वहीं एसी 2 टियर और एसी फर्स्ट क्लास में 50 प्रतिशत तक रियायत दी जाती है. सीजन टिकट में भी आधे किराए तक की छूट का लाभ मिलता है.
नेत्रहीन यात्रियों को भी सुविधा
पूर्ण रूप से नेत्रहीन यात्रियों को भी इसी तरह की सुविधा दी जाती है. चाहे वे अकेले यात्रा करें या किसी सहायक के साथ, उन्हें सेकंड क्लास से लेकर एसी 3 टियर तक 75 प्रतिशत तक की छूट मिलती है. वहीं एसी 2 टियर और एसी फर्स्ट क्लास में 50 प्रतिशत तक किराया कम लिया जाता है. पूरी तरह बहरे और गूंगे यात्रियों को सेकंड क्लास, स्लीपर और फर्स्ट क्लास में 50 प्रतिशत तक किराया छूट दी जाती है. साथ ही सीजन टिकट में भी आधे किराए तक की रियायत मिलती है.
उम्र के आधार पर कार्ड की वैधता
रेलवे ने उम्र के आधार पर कार्ड की वैधता भी तय की है. 25 साल तक की उम्र वाले यात्रियों के लिए कार्ड पांच साल तक मान्य रहेगा. 26 से 35 वर्ष के लोगों को 10 साल की वैधता मिलेगी, जबकि 35 साल से अधिक उम्र के यात्रियों के लिए यह कार्ड आजीवन मान्य रहेगा.
