जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तेल बचाने की अपील का असर अब सरकारी संस्थानों में भी दिखाई देने लगा है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे। उन्होंने करीब 3 किलोमीटर तक शहर की व्यस्त सड़कों पर साइकिल चलाते हुए पेट्रोल-डीजल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उनके इस कदम की शहर में चर्चा हो रही है।
सरकारी आवास से साइकिल पर निकले जस्टिस बंसल
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल ने सिविल लाइंस स्थित पचपेढ़ी के सरकारी आवास से हाईकोर्ट तक साइकिल से सफर किया। सुबह जब लोग रोजाना की तरह सड़क पर निकले तो उन्होंने हाईकोर्ट के जज को साइकिल चलाते देखा। शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर करीब 3 किलोमीटर का सफर तय करते हुए वे सीधे कोर्ट पहुंचे। जस्टिस बंसल का कहना है कि देश में ऊर्जा बचत को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है और हर व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रयास करना चाहिए।
तेल बचत और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
जस्टिस डीडी बंसल ने कहा कि जहां तक संभव हो लोगों को छोटी दूरी तय करने के लिए साइकिल का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे पेट्रोल और डीजल की बचत होगी, साथ ही पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं बल्कि समाज को प्रेरित करने का प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग सोचते हैं कि हाईकोर्ट जज या बड़े अधिकारी साइकिल से यात्रा नहीं कर सकते, लेकिन ऐसी सोच गलत है। अगर आम नागरिकों को संदेश देना है तो इसकी शुरुआत खुद से करनी होगी। जस्टिस बंसल के इस कदम को पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
कोर्ट कर्मचारी भी साइकिल से पहुंचे साथ
जस्टिस बंसल के साथ कोर्ट के एक कर्मचारी ने भी साइकिल चलाकर सफर किया। कर्मचारी बैग, टिफिन और अन्य जरूरी सामान लेकर उनके साथ कोर्ट पहुंचा। दोनों को एक साथ साइकिल चलाते देखकर राहगीरों में भी उत्सुकता दिखाई दी। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए छोटे-छोटे प्रयास भी महत्वपूर्ण होते हैं। अगर लोग रोजमर्रा की जिंदगी में साइकिल का उपयोग बढ़ाएं तो इससे ईंधन की खपत कम होगी।
शहर में चर्चा का विषय बनी पहल
जस्टिस बंसल का साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचना पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों ने इसे सादगी और जिम्मेदारी से जुड़ा कदम बताया। सोशल मीडिया पर भी इस पहल की तस्वीरें और चर्चाएं तेजी से सामने आ रही हैं। पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे में हाईकोर्ट के जस्टिस का इस तरह सार्वजनिक रूप से साइकिल चलाकर संदेश देना लोगों के बीच सकारात्मक प्रभाव छोड़ रहा है।
