डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ जनपद पंचायत अमरपुर में सरकारी राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जिला पंचायत न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पंचायत न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दो पूर्व सीईओ, वर्तमान सीईओ और एक लिपिक से कुल ₹30 लाख से अधिक की राशि वसूल की जाएगी। इसके साथ ही, मामले के मुख्य आरोपी लिपिक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला
जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह भ्रष्टाचार का मामला सितंबर 2020 से अगस्त 2025 के बीच का है। जिला स्तरीय चार सदस्यीय जांच समिति ने पाया कि इस अवधि के दौरान जनपद पंचायत अमरपुर में व्यापक वित्तीय अनियमितताएं की गईं। जांच में खुलासा हुआ कि लिपिक दिनेश टेकाम ने तत्कालीन सीईओ के डिजिटल सिग्नेचर (DSC) का गलत इस्तेमाल किया और पंचायत के सरकारी खाते से पैसे अपने निजी खाते में ट्रांसफर किए।
इन पैसों का उपयोग आरोपी लिपिक ने अपने निजी कार्यों जैसे भाई की शादी, बेटी के पारिवारिक कार्यक्रम और स्वयं के इलाज के लिए किया था। पोर्टल पर अपलोड किए गए अधिकांश वाउचर भी धुंधले और अपठनीय पाए गए, जिससे धांधली की पुष्टि हुई।
अधिकारियों पर भी गिरी गाज
न्यायालय ने पाया कि केवल लिपिक ही नहीं, बल्कि उस समय पदस्थ अधिकारियों ने भी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती। अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का सही तरीके से परीक्षण नहीं किए जाने के कारण सरकारी धन का गबन संभव हो सका। इसी आधार पर मध्य प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 89 के तहत निम्नलिखित वसूली तय की गई है:
दिनेश टेकाम (लिपिक): ₹15,45,836 की वसूली और पुलिस केस दर्ज करने का आदेश।
आधार सिंह कुशराम (तत्कालीन सीईओ): ₹9,64,491 की वसूली।
लोकेश नारनोर (वर्तमान सीईओ): ₹3,77,663 की वसूली।
सरोधन सिंह (तत्कालीन प्रभारी सीईओ): ₹2,03,682 की वसूली।
एक महीने के भीतर जमा करनी होगी राशि
जिला पंचायत न्यायालय ने सभी संबंधितों को आदेश दिया है कि वसूली की यह राशि एक माह के भीतर सरकारी खजाने में जमा कराई जाए। इसके अलावा, तत्कालीन प्रशासकीय प्रभार वाले अधिकारी रामजीवन कुमार वर्मा के विरुद्ध अलग से ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जिले के अन्य विभागों में हड़कंप मचा हुआ है, जिससे यह संदेश गया है कि सरकारी धन की हेराफेरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
