सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता— 8कटनी जिले में आयोजित होने वाली जनसुनवाई व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम पटीराजा, तहसील बड़वारा एवं बहोरीबंद क्षेत्र के ग्रामीणों ने शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जा और निर्माण को लेकर एसडीएम से लेकर कलेक्टर तक शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि महीनों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि काली सड़क से लगी शासकीय भूमि, खसरा नंबर 934 के हिस्से को कथित रूप से अवैध तरीके से बेचकर कुछ लोगों द्वारा मकान निर्माण कराया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई बार जनसुनवाई और तहसील कार्यालय में आवेदन देने के बावजूद प्रशासनिक अमला सिर्फ आश्वासन देता रहा, जबकि मौके पर निर्माण कार्य जारी है।आवेदकों कमलेश चौधरी, रविशंकर राय सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अनावेदकों द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा कर प्लॉट काटे गए और निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि मामले की शिकायत 23 अक्टूबर 2025 को नायब तहसीलदार न्यायालय में भी की गई थी, लेकिन अब तक कार्रवाई धरातल पर दिखाई नहीं दी।पीड़ितों का कहना है कि वे लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से न तो निर्माण रुकवाया गया और न ही कब्जा हटाने की प्रभावी पहल हुई। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि जनसुनवाई में दिए गए आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती, तो आम जनता आखिर न्याय के लिए कहां जाए। लोगों का आरोप है कि कलेक्टर जनसुनवाई अब केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जहां शिकायतें तो सुनी जाती हैं, लेकिन समाधान नहीं निकलता।अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और शासकीय भूमि पर कथित अवैध निर्माण के आरोपों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।
कलेक्टर जनसुनवाई बनी दिखावा? सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों के बीच जारी निर्माण!
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