MP Nigam Mandal Guidelines: मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अंदर अब रसूख दिखाने वाले नेताओं की खैर नहीं है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कई निगमों, मंडलों, आयोगों और प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्षों व पदाधिकारियों के लिए एक सख्त अघोषित गाइडलाइन जारी कर दी है। संगठन प्रमुख ने दो टूक शब्दों में लक्ष्मण रेखा खींचते हुए चेतावनी दी है कि अनुशासनहीनता और दिखावा करने वाले नेताओं को पद से हाथ धोना पड़ सकता है।
स्टाफ में भाई-भतीजावाद पर रोक
संगठन द्वारा जारी इस कड़क गाइडलाइन में सबसे बड़ा प्रहार नेताओं के निजी स्टाफ और दफ्तरों में होने वाले भाई-भतीजावाद पर किया गया है। साफ निर्देश हैं कि कोई भी नवनियुक्त अध्यक्ष या पदाधिकारी अपने किसी रिश्तेदार, दोस्त या सगे-संबंधी को शासकीय कामकाज और निर्णयों से पूरी तरह दूर रखेगा। निजी सहायक (PA) और ओएसडी (OSD) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति के दौरान शुचिता का ध्यान रखना होगा। किसी भी विवादित, दागी या संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को स्टाफ में जगह नहीं दी जाएगी।
होर्डिंग-पोस्टर, काफिले पर लगा ‘ब्रेक’
नेताओं द्वारा पद मिलते ही किए जाने वाले तड़क-भड़क वाले दिखावे को रोकने के लिए बीजेपी ने कड़े नियम तय किए हैं। अब नेता अपनी ब्रांडिंग के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर नहीं चमका पाएंगे। व्यक्तिगत पब्लिसिटी स्टंट पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सरकारी गाड़ियों का दुरुपयोग और सड़कों पर हूटर बजाते हुए भारी-भरकम वाहनों का काफिला निकालने की आदत को तुरंत सीमित करने के लिए कहा गया है। संगठन का मानना है कि इस तरह के दिखावे से जनता के बीच पार्टी की साख खराब होती है।
गाइडलाइन में यह साफ किया है कि पद मिलने के बाद नेताओं को केवल एयरकंडीशंड कमरों तक सीमित नहीं रहना है। संगठन के मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा लाए गए जनता के जायज कामों को कोई भी पदाधिकारी टाल नहीं सकेगा। उनकी बात को पूरी गंभीरता से सुनना होगा। नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद का प्रचार करने के बजाय सीएम मोहन यादव सरकार की विकास योजनाओं और नीतियों को जनता के तक पहुंचाने के लिए फील्ड में पसीना बहाएं।
