Cm Mohan: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एक विवादित बयान ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक जनसभा के दौरान राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ गद्दार शब्द का प्रयोग किए जाने के बाद BJP पूरी तरह हमलावर हो गई है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनसे इस्तीफा देने की मांग की है।
सीएम मोहन की दो टूक
राहुल गांधी के बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आपत्ति दर्ज कराई है। सीएम मोहन यादव ने इस भाषा को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय बताते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। लोकतंत्र में विपक्ष की एक गरिमा होती है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष जैसी संवैधानिक जिम्मेदारी संभालने वाले व्यक्ति द्वारा इस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना सीधे तौर पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता का अपमान है। अगर वे सरकार की नीतियों या फैसलों पर आधारित तार्किक चर्चा करते, तो वह समझ में आता। लेकिन जिस तरह की ओछी भाषा का वे प्रयोग कर रहे हैं, उसे देखते हुए मेरा स्पष्ट मानना है कि उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी को भी अपने इस नेता के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।
सीएम साय ने भी घेरा
राहुल गांधी के बयान पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ सार्वजनिक मंच से इस प्रकार के अपमानजनक और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करना अत्यंत निंदनीय है। यह कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है। देश के जागरूक नागरिक और मतदाता कांग्रेस पार्टी के इस अमर्यादित आचरण और गाली-गलौज की राजनीति को कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे। कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए।
क्या था राहुल गांधी का बयान?
आपको बता दें कि विवाद राहुल गांधी के गृह क्षेत्र रायबरेली में आयोजित एक विशाल जनसभा से शुरू हुआ। जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि वीरा पासी और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि हिंदुस्तान में हर नागरिक एक समान है और सभी को बराबर के अधिकार मिलने चाहिए। लेकिन इसी दौरान उन्होंने अपनी राजनीतिक मर्यादा की सीमा लांघते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए ‘गद्दार’ शब्द का इस्तेमाल कर दिया। राहुल गांधी जुबान से यह शब्द निकलते ही भाजपा ने इसे देश के शीर्ष नेतृत्व और ओबीसी समाज का अपमान बताते हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और बयानों की झड़ी लगा दी है।
