सिवनी/ खबर डिजिटल/ राकेश यादव/ मोहन सरकार भले ही ग्रामीण विकास के दावों और पारदर्शिता का ढिंढोरा पीटती रहें, लेकिन जनपद पंचायत सिवनी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत महलोंन में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि यहाँ नियमों को सरेआम ठेंगा दिखाया जा रहा है। ग्राम पंचायत महलोंन में वित्तीय नियमों और तकनीकी दिशानिर्देशों का खुला उल्लंघन करते हुए पुरानी सीसी रोड के ऊपर ही नई सीसी रोड का निर्माण कर दिया गया है। इस पूरे खेल में सरपंच, सचिव और उपयंत्री (सब इंजीनियर) की त्रिमूर्ति की मिलीभगत साफ उजागर हो रही है।
नियमों को उखाड़ा, पुरानी सड़क को नहीं!
तकनीकी नियमों के अनुसार, यदि किसी मार्ग पर नई सीसी रोड का निर्माण होना है, तो पहले पुरानी क्षतिग्रस्त सड़क को उखाड़कर उसका बेस नए सिरे से तैयार किया जाता है। लेकिन महलोंन पंचायत में शासकीय राशि को ठिकाने लगाने के चक्कर में पुरानी सड़क को बिना खोदे, सीधे उसके ऊपर ही कंक्रीट की नई परत बिछा दी गई।
इस लापरवाही और तकनीकी गड़बड़ी के कारण सड़क की ऊंचाई काफी बढ़ गई है, जिससे अब बारिश का पानी स्थानीय ग्रामीणों के घरों में घुसने का खतरा मंडराने लगा है। कागजों पर मुरुम, खुदाई और बेस तैयार करने के नाम पर लाखों रुपये का आहरण करने की आशंका जताई जा रही है, जो सीधे तौर पर वित्तीय गबन की श्रेणी में आता है।
“ऊपर तक जाता है कमीशन…” सरपंच की दबंगई
जब इस मामले को लेकर और पुरानी रोड पर नई रोड बनाने की धांधली पर ग्राम पंचायत महलोंन के सरपंच देवेंद्र राय से बात की गई, तो उन्होंने सुधरने या डराने के बजाय अपनी दबंगई और रसूख का प्रदर्शन किया। सरपंच देवेंद्र राय ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना और बेबाक लहजे में कहा कि “मैं ऊपर तक कमीशन देता हूँ, आपको जो लगे वह कर लो।”
सरपंच का यह बयान यह साफ करने के लिए काफी है कि जनपद पंचायत से लेकर जिला स्तर तक बैठे जिम्मेदार अधिकारियों का संरक्षण इस भ्रष्टाचार को प्राप्त है। जब पंचायत के नुमाइंदे ही सरेआम ‘ऊपर तक कमीशन’ देने की बात कबूल कर रहे हों, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद किससे की जाए?
उपयंत्री की भूमिका पर गंभीर सवाल
इस पूरे निर्माण कार्य में सबसे बड़ी लापरवाही और संलिप्तता संबंधित सब इंजीनियर (उपयंत्री) की सामने आ रही है। बिना उपयंत्री के मूल्यांकन और प्रमाणीकरण के कोई भी निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सकता। क्या उपयंत्री ने दफ्तर में बैठकर ही इस फर्जीवाड़े की फाइल पास कर दी या फिर वे भी इस ‘कमीशन तंत्र’ का हिस्सा बन चुके हैं?
ग्रामीणों में आक्रोश, उच्च स्तरीय जांच की मांग
ग्राम पंचायत महलोंन में हुए इस घटिया और नियम विरुद्ध निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच-सचिव मिलकर पंचायत की राशि का दुरुपयोग कर रहे हैं और विरोध करने पर रसूख की धौंस दिखाई जाती है। ग्रामीणों ने अब इस मामले की शिकायत जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर से करते हुए मांग की है कि: मौके पर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए।
एस्टीमेट के विपरीत किए गए कार्य की राशि की रिकवरी सरपंच, सचिव और उपयंत्री से हो। सरेआम कमीशनखोरी की बात स्वीकार करने वाले सरपंच के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि जनपद पंचायत सिवनी के आला अधिकारी अपने ऊपर लगे ‘कमीशन’ के इस दाग को धोने के लिए क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर महलोंन पंचायत का यह भ्रष्टाचार भी फाइलों में दफन होकर रह जाएगा।
