उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में शनिवार देर रात बाघ के हमले से एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना खेरबा टोला गांव की है, जहां 48 वर्षीय फूलबाई अपने घर के आंगन में सो रही थीं। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हमले के बाद इलाके में दहशत फैल गई और ग्रामीण रातभर भय के माहौल में रहे।
महिला के बाद दो ग्रामीणों पर भी झपटा बाघ, अस्पताल में भर्ती
महिला पर हमले के बाद बाघ ने गांव के दो अन्य ग्रामीणों दसैय्या और फुल्ला को भी निशाना बनाया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल मानपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमले के बाद बाघ गांव के आसपास ही घूमता रहा और लगातार दहाड़ता रहा, जिससे लोगों में भय और बढ़ गया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर किया हमला
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग पर फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम का विरोध करते हुए हमला कर दिया। इस दौरान परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव के सिर में चोट आई, जबकि पतौर रेंजर अंजू वर्मा के साथ भी मारपीट की गई।
वनरक्षक और डिप्टी रेंजर समेत अन्य कर्मचारियों को भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालात तनावपूर्ण होने पर प्रशासन को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
घर में घुसकर बैठा बाघ, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हमले के बाद बाघ एक घर के अंदर घुस गया और वहीं बैठा रहा। ग्रामीणों की मौजूदगी और शोर-शराबे के बावजूद वह बाहर नहीं निकला। इसके बाद वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
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