खबर डिजिटल संवाददाता कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के धुरी-बंधी गांव में एक बार फिर प्रशासनिक अनदेखी और सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई। गांव की खुली और खतरनाक खदान में 26 वर्षीय युवक दुर्गेश कुशवाहा के डूबने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।बताया जा रहा है कि यह खदान लंबे समय से बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के खुली पड़ी थी, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे रहे। न तो चेतावनी बोर्ड, न बैरिकेडिंग और न ही किसी प्रकार की निगरानी—ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर हादसे का जिम्मेदार कौन है?घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया और देर रात एसडीईआरएफ की टीम को मौके पर भेजा गया। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि पहले से सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद युवक की जान खतरे में नहीं पड़ती।करीब 100 फीट गहरी खदान में अंधेरा, संकरी जगह और पानी से भरे खतरनाक हालात के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। एसडीईआरएफ की टीम जान जोखिम में डालकर युवक की तलाश कर रही है, लेकिन प्रशासनिक तैयारी और खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई खदानें मौत का जाल बनी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल हादसे के बाद सक्रिय होते हैं।अब देखना होगा कि यह मामला भी सिर्फ रेस्क्यू और बयानबाजी तक सीमित रहेगा या फिर खतरनाक खदानों पर प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई करेगा।
100 फीट गहरी खदान बनी मौत का कुआं, प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल”
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