खबर डिजिटल संवाददाता– कटनी जिले में आखिरकार प्रशासन की नींद खुली और झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई शुरू हुई। विकासखंड बड़वारा के ग्राम विलायतकला में “बेस्ट केयर क्लीनिक” नाम से चल रहे अवैध क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारकर उसे सील कर दिया। कार्रवाई में 50 प्रकार की एलोपैथिक दवाइयां जब्त की गईं।जांच में सामने आया कि क्लीनिक संचालक जाकिर हुसैन खुद को बीएएमएस डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहा था, लेकिन न तो उसके पास वैध दस्तावेज मिले और न ही मेडिकल काउंसिल में पंजीयन। सबसे गंभीर बात यह रही कि आयुर्वेद की डिग्री के नाम पर एलोपैथिक इलाज धड़ल्ले से किया जा रहा था और मरीजों को भर्ती तक किया जा रहा था।प्रशासन की कार्रवाई ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है — आखिर गांव-गांव में फैले ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों पर अब तक लगाम क्यों नहीं लग सकी?कटनी जिले के कई ग्रामीण इलाकों में मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध क्लीनिक वर्षों से संचालित हो रहे हैं। बिना डिग्री और बिना अनुमति मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। गरीब और ग्रामीण मरीज मजबूरी में इन फर्जी डॉक्टरों के भरोसे इलाज कराने को मजबूर हैं।स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई भले ही सराहनीय हो, लेकिन क्या सिर्फ एक क्लीनिक सील कर देने से पूरा नेटवर्क खत्म हो जाएगा? जिलेभर में फैले ऐसे अवैध क्लीनिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रशासन अक्सर शिकायत या हादसे के बाद ही हरकत में आता है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन की यह मुहिम केवल दिखावटी कार्रवाई बनकर रह जाती है या सच में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जाएगा।कटनी से विशेष रिपोर्ट।
कटनी में झोलाछाप डॉक्टरों पर चला प्रशासन का चाबुक, लेकिन सवाल अब भी कायम
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