डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ जनपद पंचायत डिण्डौरी में लंबे समय से विवादों में घिरे संविदा उपयंत्री कमलेश धूमकेती पर प्रशासन का बड़ा डंडा चला है। निर्माण कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी मूल्यांकन और सरकारी नियमों की अनदेखी के चलते जिला पंचायत ने उनकी संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।इस के पहले 17 /02/2026 को “खबर डिजिटल” ने इस घोटाले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जारी आदेश के अनुसार, उपयंत्री पर कुल 9 लाख 96 हजार 449 रुपये की आर्थिक गड़बड़ी प्रमाणित पाई गई है।
विकास कार्यों में कई गंभीर फर्जीवाड़े उजागर
जांच के दौरान उपयंत्री के कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों में कई गंभीर फर्जीवाड़े उजागर हुए हैं। ग्राम पंचायत पडरियाकला में मनरेगा के तहत नाला विस्तारीकरण कार्य में बारिश के दौरान बिना कोई काम कराए मजदूरों के नाम पर राशि निकाल ली गई। इस मामले में 2 लाख 23 हजार 388 रुपये की देयता तय की गई है।
ग्राम पंचायत पौण्डी माल में 272 मीटर के स्थान पर केवल 218 मीटर सीसी रोड का निर्माण किया गया, लेकिन उपयंत्री ने पूरे कार्य का फर्जी मूल्यांकन प्रस्तुत कर दिया। इसमें 1 लाख 98 हजार 529 रुपये की वसूली प्रस्तावित है। पौण्डी माल में बहेरा नाला के पास बना परकुलेशन टैंक पहली ही जांच में क्षतिग्रस्त पाया गया, जिससे 77 हजार 664 रुपये की वित्तीय अनियमितता साबित हुई।
स्पष्टीकरण को भी विभाग ने असंतोषजनक माना
पौण्डी माल और नयेगांव रैयत क्षेत्र में मनरेगा के तहत करीब 27 लाख 95 हजार रुपये की लागत से तीन परकुलेशन टैंक सरकारी जमीन के बजाय निजी जमीनों पर बनवा दिए गए। इस मामले में उपयंत्री से 5 लाख 59 हजार रुपये की वसूली योग्य पाई गई।
जिला पंचायत के अनुसार, उपयंत्री को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने और गबन की गई राशि जमा करने के कई मौके दिए गए, लेकिन उन्होंने आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया। उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को भी विभाग ने असंतोषजनक माना।
उपयंत्री के खिलाफ पंचायत राज अधिनियम की धारा 89 के तहत मामले दर्ज कर सुनवाई की जा रही थी। अंततः, मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के नवीन सेवा शर्त निर्देश 2025 के तहत उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया गया।
इस कड़े प्रशासनिक कदम के बाद से जनपद पंचायत और मनरेगा विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल है।
