MP Nigam Mandal List: मध्यप्रदेश में सत्ता और संगठन के अंदर मचे कथित घमासान और अपेक्षा के आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी आज रात तक एक बड़ा डैमेज कंट्रोल कदम उठा सकती है। सूत्रों से मिल रही खबर के अनुसार, सूबे के बचे हुए तमाम निगम, मंडल, प्राधिकरण और आयोगों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पदों पर नियुक्तियों की दूसरी और अंतिम सूची आज रात तक आधिकारिक रूप से जारी की जा सकती है। इस सूची में सबसे खास बात यह रहने वाली है कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे को इसमें बड़ा और मनचाहा प्रतिनिधित्व मिलने जा रहा है।
दिल्ली दरबार में खिंची थी लक्ष्मण रेखा
बीजेपी सूत्रों का दावा है कि पिछले दिनों नई दिल्ली में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीएल संतोष और नितिन नवीन के बीच जो मैराथन बैठकें हुई थीं, उनमें इस सूची का पूरा खाका तैयार कर लिया गया था। सूत्रों की मानें तो दिल्ली की बंद कमरों की बैठकों में केंद्रीय नेतृत्व के सामने सिंधिया का मुद्दा उठा था कि हालिया सांगठनिक नियुक्तियों में सिंधिया समर्थकों की अनदेखी की गई है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष पनप रहा है। इसके बाद केंद्रीय आलाकमान ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप करते हुए प्रदेश नेतृत्व को बैलेंस बनाने के सख्त निर्देश जारी किए थे। दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद भोपाल लौटते ही सीएम हाउस और संगठन के बीच नामों को अंतिम रूप दे दिया गया।
आज रात क्यों महत्वपूर्ण है?
राजनैतिक जानकारों की माने तो आगामी चुनावों को देखते हुए बीजेपी किसी भी स्तर पर आंतरिक कलह को बढ़ने नहीं देना चाहती। सिंधिया समर्थकों को निगम-मंडल पद देकर पार्टी ग्वालियर-चंबल समेत पूरे प्रदेश में संतुलन साधना चाहती है। मंत्रालय और संगठन स्तर पर सूची को पूरी तरह लॉक कर दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि आज देर रात तक मुख्यमंत्री कार्यालय या प्रदेश भाजपा कार्यालय से इन नियुक्तियों का आधिकारिक आदेश जारी हो सकता है। इस सूची के आने के बाद जहा कई महीनों से मलाईदार पदों की आस लगाए बैठे नेताओं का इंतजार खत्म होगा, वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया का सूबे की सियासत में रसूख एक बार फिर मजबूती से साबित हो जाएगा।
