Cm Mohan: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 31 मई को किसान-हितैषी अंदाज में नजर आए। शाजापुर जिले के शुजालपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने न केवल स्थानीय जनप्रतिनिधियों और किसानों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” सुनी, बल्कि किसानों से संवाद भी किया। खास बातचीत के दौरान सीएम यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर हाल में किसानों की आमदनी दोगुनी और चौगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी सिलसिले में उन्होंने रबी और खरीफ फसलों के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन और किसान सुरक्षा को लेकर बड़े फैसलों की झड़ी लगा दी।
मिलेगा 600 रूपए बंपर बोनस
किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में दलहन उत्पादन को हर स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश दालों के उत्पादन में पूरे देश में शीर्ष स्थान पर है। सरकार अब मूंग की सरकारी खरीदी शुरू करने जा रही है, जिसके लिए किसानों का पंजीयन भी प्रारंभ कर दिया गया है।
बोनस का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार मूंग के साथ-साथ उड़द की फसल लगाने वाले किसानों को भी 600 रूपए प्रति क्विंटल का विशेष बोनस दिया जाएगा। यह पहली बार है जब उड़द उत्पादकों को प्रोत्साहन बोनस मिल रहा है।
गेहूं खरीदी में बना देश का रिकॉर्ड
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार जो वादे करती है, उन्हें जमीन पर उतारती है। इस सीजन में मध्य प्रदेश सरकार ने 2625 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य देकर अपने ही पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। सरकार ने इस बार रिकॉर्ड 1 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी की है, जिसका सीधा लाभ देश में सबसे ज्यादा यानी लगभग 14 लाख पंजीकृत किसानों को मिला है।
सरकार मुफ्त देगी हेलमेट
किसानों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने एक घोषणा की। उन्होंने कहा कि अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों के किसान अपनी मोटरसाइकिल पर दूध, फल और सब्जियां लादकर बेचने के लिए सुबह-सुबह शहरों की ओर आते हैं। बिना हेलमेट के सफर करने के कारण कई बार वे सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। किसानों की जान बचाने और हादसों को रोकने के लिए अब मध्य प्रदेश सरकार अपनी तरफ से किसानों को हेलमेट उपलब्ध कराएगी। इससे सड़क पर चलने वाले अन्नदाताओं को सुरक्षा की पूरी गारंटी मिलेगी।
बिजली संकट से मुक्ति
बिजली को लेकर होने वाली दिक्कतों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को ऐलान करते हुए कहा है कि आने वाले समय में, यानी बरसात के बाद जब रबी फसलों का सीजन शुरू होगा, तब सरकार किसानों को दिन के समय बिजली की आपूर्ति करेगी। इससे किसानों को कड़ाके की ठंड या रात के अंधेरे में खेतों में सिंचाई करने की कठिनाइयों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
दूध उत्पादन में 20% हिस्सेदारी।
खेती के साथ-साथ पशुपालन को बढ़ावा देकर आय बढ़ाने के लिए सीएम मोहन ने कहा कि आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर गौशालाएं बनवा रही है। साथ ही, जो लोग गौ-माता का पालन कर रहे हैं, उन्हें सरकार प्रति गाय 40 रूपए प्रतिदिन का भुगतान कर रही है ताकि कोई भी गाय भूखी न रहे। सरकार गौमूत्र और उससे उत्पादों पर वैज्ञानिक रिसर्च को लगातार बढ़ावा दे रही है।
