सिवनी/खबर डिजिटल/ विशाल भारद्वाज/ सिवनी जिले में इन दिनों ‘नौतपा’ के चलते लोग भीषण गर्मी और उमस से बेहाल थे। रविवार को दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। गर्मी से राहत मिलने की उम्मीदों के बीच इस बेमौसम चक्रवाती तूफान ने जिले में भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं का सबसे रौद्र रूप बंडोल और कलारबांकी क्षेत्र में देखने को मिला, जहाँ जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
दुकानों के उड़े टीन शेड, घरों के बर्तन तक बहे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि बंडोल मुख्य बाजार और हाईवे किनारे स्थित कई दुकानों के टीन शेड हवा में ताश के पत्तों की तरह उड़ गए। तूफान का असर इतना जबरदस्त था कि कई घरों की छतों पर रखे घरेलू बर्तन और सामान तक हवा में उड़कर दूर जा गिरे।
किसानों के पाइप उड़े, बरसों पुराने पेड़ हुए जमींदोज
इस प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र के किसानों को भी भारी चपत लगाई है। खेतों में सिंचाई के लिए रखे किसानों के प्लास्टिक और लोहे के पाइप तेज हवा के वेग में बह और उड़ गए। वहीं, बंडोल और कलारबांकी क्षेत्र में दर्जनों बरसों पुराने विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों और मकानों पर गिर गए, जिससे कई मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए।
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विद्युत व्यवस्था ठप, दर्जनों पोल धराशायी
तूफान के कारण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। तेज हवाओं और पेड़ों के गिरने से दर्जनों विद्युत पोल (बिजली के खंभे) टूटकर जमीन पर आ गिरे, जिससे कई गांवों की बत्ती पूरी तरह गुल हो गई है। बिजली विभाग के तारों के टूटने से क्षेत्र में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है।
प्रशासनिक अलर्ट और राहत कार्य शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। गिरे हुए पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली कंपनी के कर्मचारियों द्वारा युद्ध स्तर पर पोल सुधारने का कार्य शुरू कर दिया गया है, हालांकि नुकसान अधिक होने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने में समय लग सकता है।
