डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव / MP water crisis अमरपुर, भीषण गर्मी के इस दौर में जहां एक ओर सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों तक पेयजल उपलब्ध नहीं कर पा रहीं हैं। डिंडौरी जिले के अमरपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मोहारी का ‘बड़ा टोला’ आज भी पीने के पानी के जैसी मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहा है। यहाँ के ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दिन रात कडी मशक्कत करनी पड रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, बड़े टोला में पानी की समस्या कोई अभी की नहीं है बल्कि पिछले कई सालों से लगातार ग्रामीणों को इस समस्या रूबरू होना पड़ता है। लेकिन जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम सीमा में पहुंचती है लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें और बढ़ जाती है। गांव में पानी की व्यवस्था के लिए प्रशासन द्वारा नलकूप खनन के कई प्रयास किए गए, लेकिन अधिकांश जगहों पर बोरिंग पूरी तरह असफल रही। नतीजा यह है कि आज भी पूरा गांव और उनके मवेशी सिर्फ एक ही कुएं पर निर्भर हैं। सैकड़ो की आबादी वाले इस गांव में सुबह से ही कुएं पर पानी भरने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। जिसके कारण कुएं का जलस्तर भी तेजी से घटने लगता है।
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दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
दूषित पानी पीने से ग्रामीणों पर बीमारी का खतरा बढ़ गया है। बल्कि जो पानी उपलब्ध है उसकी गुणवत्ता भी बेहद खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि इस एकमात्र कुएं का पानी भी पूरी तरह स्वच्छ और पीने लायक नहीं है। लेकिन पानी का कोई दूसरा विकल्प नहीं है, इस दूषित पानी के सेवन से गांव में उल्टी, दस्त और पेट जनित अन्य गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है।
महिलाएं और बच्चे जब गांव के एकमात्र कुएं का पानी पूरी तरह समाप्त हो जाता है, तो ग्रामीणों की मुश्किलें दोगुनी हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को पानी के लिए गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित लखनपुर तिराहे तक पानी के लिए जाना पड़ता है। चिलचिलाती धूप में महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे सिर पर बर्तन और बाल्टियां रखकर पानी लाते हुए देखे जा सकते हैं। जिससे महिलाओं का अधिकांश समय सिर्फ पानी का इंतजाम करने में ही बीत जाता है और वे अन्य जरूरी काम नहीं कर पातीं।
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धरातल पर फेल साबित हुई ‘जल जीवन मिशन’ योजना
इस पूरे संकट में ग्रामीणों की सबसे बड़ी नाराजगी प्रशासन और ‘जल जीवन मिशन’ के काम करने के तरीके को लेकर है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि करीब दो साल पहले गांव में इस योजना के तहत बड़े जोर-शोर से पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था। कई गलियों और रास्तों में पाइप तो डाल दिए गए, लेकिन आज तक उन्हें घरों के नलों से नहीं जोड़ा गया। गांव में पानी की एक ऊंची टंकी का निर्माण कार्य भी चल रहा है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह योजना आज भी अधूरी पड़ी है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी धरातल पर ग्रामीणों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अमरपुर के अध्यक्ष महेंद्र ठाकुर ने इस पेयजल संकट को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने क्षेत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केवल बड़ा टोला ही नहीं, बल्कि पूरे अमरपुर ब्लॉक में ऐसे दर्जनों गांव हैं जहां लोग इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं।
