बुरहानपुर जिले में बीती रात्रि आए तेज आंधी-तूफान और खराब मौसम के कारण किसानों की केले सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में तैयार खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है और वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
किसान पूरे वर्ष मेहनत कर अपनी फसल तैयार करता है, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण उसकी मेहनत कुछ ही घंटों में नष्ट हो जाती है। वर्तमान स्थिति में अनेक किसानों के पास कृषि के अलावा आय का कोई अन्य साधन नहीं है, जिससे उनका जीवन-यापन प्रभावित हो रहा है। किसानों को तत्काल राहत और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।

प्रशासन एवं सरकार से मांग है कि प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा एवं राहत राशि प्रदान की जाए। साथ ही फसल बीमा योजनाओं का लाभ भी जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।
लोकतंत्र में किसानों सहित सभी नागरिकों को अपनी समस्याओं और मांगों को शांतिपूर्ण एवं कानूनी तरीके से उठाने का अधिकार है।
यदि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होता है, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद कर सकते हैं। किसानों की मांगों को गंभीरता से सुनना और उनका निराकरण करना सरकार तथा प्रशासन की जिम्मेदारी है। अन्नदाता की समृद्धि ही देश की समृद्धि है। किसानों को न्याय, राहत और सम्मान मिलना चाहिए।
