MP Sangathan Mahamantri: मध्यप्रदेश भाजपा में सत्ता और संगठन के बीच की सबसे मजबूत कड़ी यानी प्रदेश संगठन महामंत्री के पद पर जल्द ही नई नियुक्ति होने जा रही है। राजस्थान भाजपा में इस पद पर नया चेहरा तय होने के बाद अब मध्य प्रदेश को लेकर भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा आलाकमान के बीच अंतिम दौर की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। सूत्रों की मानें तो संघ के करीब आधा दर्जन प्रचारकों के नामों का पैनल तैयार किया गया है, जिनमें से किसी एक के नाम पर जल्द ही आधिकारिक मुहर लग सकती है।
क्यों खाली पड़ा है पद?
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी में संगठन महामंत्री का पद बेहद रसूखदार माना जाता है। इसी साल जनवरी के अंत में संघ ने एक बड़ा फेरबदल करते हुए तत्कालीन संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को भाजपा से वापस बुला लिया था। उन्हें संघ के मूल संगठन में सह क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख की नई जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। हितानंद शर्मा की रवानगी के बाद से, यानी पिछले करीब 5 महीनों से प्रदेश भाजपा बिना किसी संगठन महामंत्री के चल रही थी। हालांकि, इस दौरान क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल अस्थाई रूप से इस जिम्मेदारी को संभालते आ रहे है, लेकिन आगामी चुनावों को देखते हुए अब एक स्थाई चेहरे की जरूरत महसूस की जा रही है।
रेस में शामिल संघ के ये 6 सूरमा
राजनैतिक और बीजेपी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले जिन आधा दर्जन प्रचारकों के नामों सबसे ज्यादा चर्चा में बने हुए है।
दिनकर राव सबनीस
पद की रेस और कयासों के बाजार में फिलहाल दिनकर राव सबनीस का नाम सबसे ऊपरी पायदान पर चल रहा है। उनके लंबे सांगठनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें इस पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
अभय महाजन
दीनदयाल शोध संस्थान से जुड़े अभय महाजन का नाम भी इस पद के लिए चर्चा में बना हुआ है।
अखिलेश मिश्रा
शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय विद्या भारती के अखिलेश मिश्रा के नाम को लेकर भी राजनैतिक हलकों में सुगबुगाहट तेज है।
विमल गुप्ता व राजमोहन
इसके अलावा प्रांतीय कमान संभाल रहे मध्य भारत के प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता और मालवा प्रांत के प्रांत प्रचारक राजमोहन के नामों पर भी विचार किया जा रहा है।
निखलेश महेश्वरी
कतार में एक और नाम निखलेश महेश्वरी का शामिल है, जो संघ और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की क्षमता रखते हैं।
राजनैतिक जानकारों की माने तो मध्य प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए संघ किसी ऐसे चेहरे को वल्लभ भवन और भाजपा दफ्तर के बीच की कमान सौंपेगा, जो पूरी तरह से निष्पक्ष हो और संगठन को नई ऊर्जा दे सके।
