कान्हीवाड़ा/सिवनी/ खबर डिजिटल/ विशाल भारद्वाज/ एक तरफ सरकार देश और प्रदेश में स्वच्छता अभियान के नाम पर हर साल लाखों-करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस अभियान की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऐसा ही एक शर्मनाक नजारा विकासखंड के कान्हीवाड़ा मुख्यालय में देखने को मिल रहा है, जहाँ स्थानीय ग्राम पंचायत की घोर लापरवाही के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर के आसपास गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो चुका है।
अस्पताल के द्वार पर कचरे का ढेर, संक्रमण का खतरा
क्षेत्र के मुख्य चिकित्सा केंद्र यानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कान्हीवाड़ा की बाउंड्री वॉल के समीप इन दिनों कचरों और गंदगियों का भारी अंबार लगा हुआ है। अस्पताल, जहाँ लोग स्वस्थ होने और बीमारियों से निजात पाने आते हैं, उसके ठीक बाहर बदबू मारता कचरा और सड़ रहा वेस्ट मटेरियल ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली को मुंह चिढ़ा रहा है। स्थिति यह हो चुकी है कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को मुंह पर कपड़ा रखकर भीतर जाना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यहाँ फैली गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों को दोहरा संक्रमण (इंफेक्शन) होने का खतरा पैदा हो गया है।
विपक्ष और ग्रामीणों में भारी आक्रोश, शिकायतों का असर नहीं
इस अव्यवस्था को लेकर ग्राम पंचायत के विपक्ष और स्थानीय जागरूक नागरिकों ने पंचायत प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन पंचायत का ध्यान इस ओर बिल्कुल नहीं है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि:
ग्राम पंचायत सिर्फ कागजों पर स्वच्छता अभियान चला रही है। मुख्यालय के सबसे संवेदनशील स्थान यानी अस्पताल के पास ही जब सफाई नहीं हो पा रही है, तो पूरे गांव की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। यह सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।”
जिम्मेदार बेपरवाह, उठ रही कार्रवाई की मांग
बरसात का मौसम नजदीक आते ही यदि इस कचरे के ढेर को यहाँ से नहीं हटाया गया, तो यह पूरी बाउंड्री वॉल क्षेत्र महामारी का केंद्र बन सकता है। इसके बावजूद ग्राम पंचायत की इस ‘कुंभकर्णी नींद’ और निष्क्रियता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश पनप रहा है। क्षेत्र की जनता ने अब जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले पंचायत जिम्मेदारों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
