MP Nikay Chunav 2027: मध्यप्रदेश के शहरों में स्थानीय सरकार यानी नगरीय निकाय चुनाव 2027 को समय पर कराने के लिए मोहन यादव की सरकार ने अभी से अपनी कमर कस ली है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी किए गए एक नोटिफिकेशन के बाद प्रशासनिक गलियारों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस सरकारी आदेश के तहत, प्रदेश के सभी नगर निगमों में महापौर और नगरपालिकाओं व नगर परिषदों में अध्यक्ष पदों के लिए होने वाली आरक्षण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त को अधिकृत अफसर नियुक्त कर दिया गया है।
2019 और कोरोना काल का अनुभव
गौरतलब है कि प्रदेश में ये चुनाव साल 2019 में ही प्रस्तावित थे, लेकिन तब 15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस सरकार के समय राजनैतिक अस्थिरता के चलते प्रक्रिया टल गई। इसके बाद 2020 में आई वैश्विक कोविड महामारी के कारण दो साल तक चुनावों पर ताला लगा रहा। आखिरकार, खींचतान के बाद मई 2022 में जाकर मतदान संपन्न हो सका था।
समय से पहले की तैयार
पिछली बार हुई देरी, अदालती चक्करों और प्रशासनिक लापरवाही से सबक लेते हुए सरकार इस बार 2027 के चुनावों को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। मध्य प्रदेश नगरपालिका नियम, 1999 के प्रावधानों के तहत समय से पहले आरक्षण और वार्डों का परिसीमन पूरा किया जा रहा है, ताकि ऐन वक्त पर कोई भी विपक्षी दल इसे कोर्ट में न घसीट सके।
वोटर लिस्ट का काम शुरू
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक, मैदानी स्तर पर बूथों के सत्यापन और डिजिटल वोटर लिस्ट को नए सिरे से अपडेट करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। मध्य प्रदेश के निकाय चुनावों में कुल सीटों पर महिलाओं को 50 प्रतिशत का फ्लैट आरक्षण मिलेगा। यानी आधी सीटों पर केवल महिला उम्मीदवार ही अपना भाग्य आजमाएंगी। पिछड़ा वर्ग के लिए कुल सीटों में से 27 प्रतिशत पदों को आरक्षित करने का प्रावधान लागू रहेगा। वही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षण का पैमाना संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्र की मौजूदा आबादी के अनुपात के आधार पर तय किया जाएगा।
क्या है रोटेशन नीति?
इस बार आरक्षण की लॉटरी में रोटेशन का नियम लागू होगा। इसके तहत जो निकाय या सीटें पिछली बार जिस विशेष वर्ग के लिए रिजर्व थीं, उन्हें इस बार छोड़कर नए निकायों को मौका दिया जाएगा। इससे कई मौजूदा दिग्गजों के चुनावी क्षेत्र और राजनैतिक समीकरण पूरी तरह बदलने वाले हैं।
