डेस्क। RE-NEET 2026 परीक्षा से पहले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को राहत नहीं मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखते हुए टेलीग्राम की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ऐसा कदम उठा सकती है।
21 जून को होगी RE-NEET परीक्षा
देशभर में RE-NEET 2026 की परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। परीक्षा से पहले फर्जी प्रश्नपत्र, पेपर लीक और गलत जानकारी फैलाने की आशंकाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाई थी। यह प्रतिबंध 22 जून तक लागू रहेगा।
हाई कोर्ट ने सरकार के फैसले को सही माना
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने उपलब्ध तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिया है। अदालत के मुताबिक यह एक आपातकालीन स्थिति थी और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम उचित माना जा सकता है। कोर्ट ने यह भी माना कि सरकार ने तय प्रक्रिया का पालन किया है।
Telegram को लेकर सरकार की चिंता
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि Telegram का इस्तेमाल कई बार फर्जी प्रश्नपत्र, पेपर लीक से जुड़ी सामग्री और साइबर ठगी जैसे मामलों में किया गया है। सरकार का दावा है कि कुछ संगठित गिरोह इस प्लेटफॉर्म का उपयोग छात्रों को गुमराह करने और अवैध गतिविधियों के लिए कर रहे थे।
क्यों चर्चा में है Telegram?
विशेषज्ञों के अनुसार Telegram पर बड़े चैनल और ग्रुप बनाए जा सकते हैं, जहां बड़ी संख्या में लोगों तक तेजी से जानकारी पहुंचाई जा सकती है। इसके अलावा बड़ी फाइलें शेयर करने और कुछ मामलों में पहचान छिपाकर अकाउंट चलाने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यही वजह है कि परीक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में इसके दुरुपयोग की आशंका जताई जाती रही है।
22 जून तक जारी रहेगा प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने Telegram पर लगाया गया प्रतिबंध 22 जून तक लागू रखा है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म के कुछ फीचर्स पर भी अस्थायी नियंत्रण की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम केवल RE-NEET परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
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