Tuesday, November 3, 2026
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PM Kisan Samman Nidhi : 9.44 करोड़ किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रु होंगे ट्रांसफर

PM Kisan Samman Nidhi 23 installment प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों को दी 2000 रुपये की सौगात

PM Kisan Samman Nidhi : प्रधानमंत्री 20 जून, 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से पीएम-किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी करेंगे, यह किस्त 9 करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों को 18 हजार 880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त की 2000 रुपये सीधे लाभार्थियों के खाते में वितरित करेंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि किस्‍त जारी किए जाने को “पीएम-किसान उत्सव दिवस” ​​के रूप में मनाया जाएगा।

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योजना की 23 वीं किस्त में पश्चिम बंगाल में 45 लाख 35 हजार से अधिक लाभार्थियों को 907 करोड़ 21 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जाएगी, जिससे राज्य में 2019 में योजना शुरू आरंभ होने के बाद से कुल वितरण 15,055 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, पंचायती राज एवं मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह, रेल, सूचना एवं प्रसारण एवं इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, पत्‍तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर, शिक्षा एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार, सांसद सामिक भट्टाचार्य और अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहेंगे।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना / पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का भी शुभारंभ करेंगे, जिससे राज्य के किसानों को विश्व की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा। वर्ष 2026-27 के दौरान, इस पहल का उद्देश्य लगभग 30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर लगभग 1 करोड़ 10 लाख किसानों को बीमा सुरक्षा प्रदान करना है। इससे 28 हज़ार 140 करोड़ रुपये के अनुमानित बीमित मूल्य की फसलों की सुरक्षा हो सकेगी और किसानों को पर्याप्त प्रीमियम सब्सिडी द्वारा सहायता प्रदान की जा सकेगी। किसानों पर प्रीमियम का बोझ कम रखने के लिए, केंद्र और राज्य सरकारें लगभग 777 करोड़ रुपये की प्रीमियम सब्सिडी प्रदान करेंगी।

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिसे पुनर्गठित कर मौसम आधारित फसल बीमा योजना किया गया है, वर्ष 2016 में आरंभ किया गया था। इसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों के कारण फसल के नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना अत्यधिक रियायती प्रीमियम दरें प्रदान करती है,जबकि शेष लागत सरकार वहन करती है। किसानों को यह फसल के नुकसान जोखिमों से निपटने में सक्षम बनाकर उनकी आय स्थिरता को बढ़ावा देती है। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की स्थितियों से सुरक्षा प्रदान कर उनकी आजीविका मजबूत बनाती है।

डिजिटल कृषि मिशन

प्रधानमंत्री डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत, पश्चिम बंगाल में एग्रीस्टैक का शुभारंभ करेंगे। इसके तहत उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली के तहत खरीद जैसी सत्यापित कृषि संबंधी सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा। यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटल शासन को सुदृढ़ और किसान-केंद्रित सेवाओं का कुशल वितरण सुगम बनाएगा।

केन्‍द्र सरकार ने 2,817 करोड़ रुपये के परिव्यय से डिजिटल कृषि मिशन आरंभ किया था। यह व्यापक, किसान-केंद्रित पारिस्थितिकी तंत्र है, जो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना द्वारा किसानों को ऋण, फसल बीमा और व्यक्तिगत सलाह तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। साथ ही यह सरकारी कार्यक्रमों की पारदर्शिता में सुधार लाने में भी महत्‍वपूर्ण है।

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राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में पारंपरिक भारतीय पद्धतियों पर आधारित संवहनीय, रसायन-मुक्त कृषि को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन का शुभारंभ करेंगे। वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत वार्षिक कार्य योजना के तहत, राज्य सरकार 17,300 हेक्टेयर में व्‍याप्‍त 346 प्राकृतिक कृषि क्लस्टर स्थापित करेगा, जिससे 43,250 किसान लाभन्वित होंगे। साथ ही, जैव-उपकरण संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए कृषि सखियों को संगठित किया जाएगा।

राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन 25 नवंबर, 2024 को एक स्वतंत्र केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में आरंभ किया गया था। यह पारंपरिक भारतीय कृषि पद्धतियों पर आधारित रासायन मुक्त और संवहनीय कृषि को बढ़ावा देता है। यह मृदा स्वास्थ्य में सुधार, लागत में कमी और जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशीलता बढ़ाने के लिए खेत में जैविक साधनों के उपयोग, पशुधन एकीकरण और विविधीकृत फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करता है। 33 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यान्वित यह मिशन, किसानों को बाजार के बेहतर अवसर प्रदान करने और उनकी आजीविका सुदृढ़ बनाने के लिए समूह-आधारित व्‍यवस्‍था अपनाने, किसान प्रशिक्षण और प्राकृतिक उत्पादों के प्रमाणीकरण पर केंद्रित है।

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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना

प्रधानमंत्री एकीकृत कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का कार्यान्वयन का भी शुभारंभ करेंगे। यह योजना पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम जिलों में व्‍याप्‍त होगी और कृषि उत्पादकता में सुधार, फसल विविधीकरण और संवहनीय कृषि को बढ़ावा देने, फसल कटाई उपरांत के बुनियादी ढांचे और सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने, संस्थागत ऋण तक पहुंच बढ़ाने और समग्र ग्रामीण विकास के लिए कई केंद्रीय और राज्य योजनाओं का समन्वय सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 16 जुलाई, 2025 को अनुमोदित और 11 अक्टूबर 2025 को आरंभ की गई प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना अल्‍प उत्पादकता, कम फसल सघनता और सीमित ऋण प्रवाह से ग्रस्त 100 जिलों में कृषि विकास को गति देने के उद्देश्य से की गई पहल है। यह योजना फसल विविधीकरण और संवहनीय कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित है।

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साथ ही पंचायत और प्रखंड स्तर पर फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी ध्यान देती है। इसका उद्देश्य सिंचाई सुविधाओं में सुधार लाना और दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक संस्थागत ऋण तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना है। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का लक्ष्य पिछड़े क्षेत्रों में कृषि दक्षता को बढ़ावा देना और किसानों की आजीविका में सुधार करना है।

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