डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। वाराणसी की शिवपुर विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा में है। कई राजनीतिक दलों की ओर से संभावित उम्मीदवारों के समर्थन में पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल अभी से गर्म हो गया है।
शिवपुर सीट को लेकर बीजेपी, सुभासपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला दिलचस्प होता दिखाई दे रहा है।
शिवपुर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत
शिवपुर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण मतदाताओं की बड़ी भूमिका मानी जाती है। मौजूदा समय में इस सीट पर बीजेपी के विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर का कब्जा है।
दूसरी ओर सुभासपा भी इस सीट पर अपनी दावेदारी जता चुकी है। पार्टी प्रमुख ओमप्रकाश राजभर पहले ही शिवपुर सीट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में NDA के भीतर सीट को लेकर स्थिति दिलचस्प बन सकती है।
सपा की रणनीति पर टिकी नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समाजवादी पार्टी इस सीट पर ऐसा उम्मीदवार उतार सकती है जो बीजेपी और सुभासपा दोनों के लिए चुनौती बन सके।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार सपा किसी मजबूत ओबीसी या सवर्ण चेहरे पर दांव खेल सकती है। पार्टी ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है जिसकी कई जातियों और वर्गों में अच्छी पकड़ हो।
इसके साथ ही समाजवादी पार्टी ने स्थानीय स्तर पर अपनी चुनावी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
2022 का चुनाव भी रहा था चर्चा में
विधानसभा चुनाव 2022 में जब सुभासपा और समाजवादी पार्टी साथ थीं, तब शिवपुर सीट से ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
अब बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए में यह सीट किस दल के खाते में जाती है।
चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी गतिविधियां
शिवपुर सीट को लेकर सभी प्रमुख दल सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। बीजेपी अपने मौजूदा विधायक पर भरोसा जता सकती है, जबकि सुभासपा भी अपनी दावेदारी बनाए हुए है।
वहीं समाजवादी पार्टी की रणनीति इस सीट को और अधिक रोचक बना सकती है। आने वाले महीनों में उम्मीदवारों के नाम और राजनीतिक समीकरण इस सीट की तस्वीर साफ करेंगे।
ये खबर भी पढ़ें..
