जबलपुर/खबर डिजिटल/मनीष तिवारी/ जबलपुर में एक तरफ जहां ‘एसपी की पाठशाला’ के जरिए बेटियां अपने सपनों को उड़ान देने की तैयारी कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत प्रशासन के दावों को मुंह चिढ़ा रही है। घमापुर थाना इलाके में रहने वाला एक पीड़ित परिवार पिछले कई दिनों से दबंगों के खौफ में जी रहा है, लेकिन रसूखदारों के आगे नतमस्तक पुलिस ने आज तक मामले में एफआईआर तक दर्ज नहीं की।
इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही मां-बेटी की बेबसी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले हफ्ते जबलपुर कलेक्टर के पैर पकड़कर रोती हुई मां का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की इसी लाचार व खोखली व्यवस्था से परेशान होकर आज यह मां-बेटी सीधे सूबे के मुख्यमंत्री के सामने जा पहुंचीं।
अवसर था वीरांगना दुर्गावती के समाधि स्थल पर मुख्यमंत्री के आगमन का, जहां सुरक्षा घेरे को चीरते हुए इस पीड़ित परिवार ने सीएम के सामने जबलपुर के एसपी और कलेक्टर की न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। भरी आंखों से मां-बेटी ने मुख्यमंत्री के पैर छूकर न्याय की गुहार लगाई और अपनी आपबीती सुनाई। स्थानीय स्तर पर न्याय की आस टूटने के बाद अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि क्या सूबे के मुखिया इस बेबस मां-बेटी को वाकई दबंगों से निजात दिलाकर इंसाफ करेंगे, या फिर हर बार की तरह यह मामला भी सिर्फ खोखले आश्वासनों और प्रशासनिक दिखावे की भेंट चढ़कर रह जाएगा।
