मध्य प्रदेश भाजपा ने अपनी नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है. लंबे समय से संगठन के भीतर इस सूची का इंतजार किया जा रहा था. जारी की गई नई टीम में कुल 106 सदस्यों को शामिल किया गया है. पार्टी ने इस बार अनुभव, सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए कार्यसमिति का गठन किया है. पिछली कार्यसमिति में 164 सदस्य थे, लेकिन इस बार संख्या कम करते हुए अधिक प्रभावी और संतुलित टीम तैयार की गई है. जानकारी के अनुसार नई कार्यसमिति की पहली बैठक जुलाई के मध्य में ओरछा में आयोजित हो सकती है. यह सूची भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने से पहले जारी की गई है.
महिलाओं को मिला मजबूत प्रतिनिधित्व
नई कार्यसमिति में महिला नेताओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है. पार्टी ने लगभग 33 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है. कुल 35 महिलाओं को मुख्य कार्यसमिति में शामिल किया गया है. इस सूची की खास बात यह है कि भोपाल की बिलकिस जहां को पहली बार मुस्लिम महिला प्रतिनिधि के रूप में कार्यसमिति में जगह मिली है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, मंत्री कृष्णा गौर, संपतिया उइके, निर्मला भूरिया और पूर्व सांसद रीति पाठक सहित कई प्रमुख महिला नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
वरिष्ठ नेताओं को भी मिली अहम भूमिका
भाजपा ने अपने अनुभवी नेताओं को भी संगठन में महत्वपूर्ण स्थान दिया है. इस बार 41 नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है, जो पिछली सूची की तुलना में अधिक संख्या है. इस श्रेणी में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, अनुसुइया उइके, कुसुम मेहदेले, माया सिंह और यशोधरा राजे सिंधिया जैसे वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है. इनमें 8 महिला नेताओं को भी विशेष स्थान दिया गया है.
सत्ता और संगठन के बीच दिखा तालमेल
नई कार्यसमिति में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय की झलक देखने को मिलती है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, वीरेंद्र कुमार और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी कार्यसमिति में शामिल किया गया है. इसके अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल के साथ राज्य सरकार के 15 कैबिनेट मंत्री, 3 राज्य मंत्री, 20 से ज्यादा विधायक, 6 लोकसभा सांसद और 3 राज्यसभा सांसदों को भी जगह मिली है.
सिंधिया समर्थकों को भी मिला मौका
पार्टी ने उन नेताओं को भी कार्यसमिति में शामिल किया है जो पिछले कुछ समय से अपेक्षाकृत कम सक्रिय माने जा रहे थे. इनमें इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, गिर्राज दंडौतिया और संतराम सिरोनिया जैसे नाम प्रमुख हैं. वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाने वाले मंत्री तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत को भी नई टीम में स्थान दिया गया है. राजनीतिक जानकार इस कार्यसमिति को भाजपा के भीतर अनुभव, सामाजिक प्रतिनिधित्व और राजनीतिक संतुलन का मिश्रण मान रहे हैं.
