भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आरोपों से अलग राय रखते नजर आए हैं। इसके बाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान फिर चर्चा में आ गई है।
जीतू पटवारी ने लगाए थे 500 करोड़ की जमीन सौंपने के आरोप
दो दिन पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में करीब 500 करोड़ रुपए की जमीन मात्र 1 रुपए में वीर भारत न्यास को सौंप दी गई। पटवारी ने आरोप लगाया था कि नियमों को नजरअंदाज कर यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार हैं और सरकार को इस फैसले को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने कहा- आरोप सही नहीं
उज्जैन में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इन आरोपों को सही नहीं माना। उन्होंने कहा कि संबंधित ट्रस्ट कोई निजी संस्था नहीं है, बल्कि एक सार्वजनिक और सरकारी ट्रस्ट है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस व्यवस्था में कुछ भी गलत नहीं है और यह व्यवस्था उनके मुख्यमंत्री रहते भी थी। उन्होंने यह भी कहा कि कमलनाथ सरकार के समय भी यही व्यवस्था जारी रही।
भ्रष्टाचार के आरोपों को बताया गलत
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग झूठे आरोप लगाकर ब्लैकमेलिंग करने की कोशिश करते हैं।
कांग्रेस में फिर दिखे मतभेद
दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के अलग-अलग बयानों के बाद कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, इस मामले में अभी तक प्रदेश कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ये खबर भी पढ़ें..
