डेस्क। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। रिजर्व के दुधवा सेहा क्षेत्र में 6 वर्षीय बाघिन P-652 ने दो शावकों को जन्म दिया है। करीब ढाई महीने के दोनों शावक पहली बार कैमरे में कैद हुए हैं।
दुधवा सेहा क्षेत्र में दिखे दोनों शावक
पन्ना टाइगर रिजर्व के दुधवा सेहा क्षेत्र में जन्मे दोनों शावक अब धीरे-धीरे बाहर निकलने लगे हैं। हाल ही में उनकी तस्वीरें और वीडियो कैमरे में कैद हुए हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाघिन और दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह क्षेत्र बाघों और गिद्धों के प्रजनन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
2009 के बाघ पुनर्वासन कार्यक्रम से जुड़ा इलाका
सीनियर गाइड आरपी ओमरे के मुताबिक, वर्ष 2009 में शुरू हुए बाघ पुनर्वासन कार्यक्रम के तहत लाई गई बाघिन टी-1 ने 16 अप्रैल 2010 को इसी दुधवा सेहा क्षेत्र में पहली बार शावकों को जन्म दिया था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की याद में हर साल बाघ पुनर्स्थापना दिवस भी मनाया जाता है।
16 साल बाद फिर दोहराया गया इतिहास
करीब 16 साल बाद उसी दुधवा सेहा क्षेत्र में एक बार फिर बाघिन ने शावकों को जन्म दिया है। इससे पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या और संरक्षण प्रयासों को नई मजबूती मिली है।
बाघ संरक्षण के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा जन्म
पन्ना टाइगर रिजर्व देश के सफल बाघ पुनर्वासन कार्यक्रमों में शामिल है। नए शावकों के जन्म से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि रिजर्व का पर्यावरण और संरक्षण व्यवस्था बाघों के लिए अनुकूल है। अधिकारियों के अनुसार बाघिन P-652 और दोनों शावकों की लगातार निगरानी की जा रही है।
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