जबलपुर/खबर डिजिटल/ मनीष तिवारी/ राज्य सरकार द्वारा युवाओं और छात्र-छात्राओं को नशे के जाल से सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष ‘नशा मुक्त अभियान’ की शुरुआत की जा रही है। इस मुहिम के तहत महीने की 1 तारीख से 15 तारीख तक सभी स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर एक व्यापक जांच अभियान चलाया जाएगा।
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे के भीतर तंबाकू से जुड़े उत्पाद या किसी भी तरह के ड्रग्स की बिक्री अथवा उपलब्धता पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। इस नियम को धरातल पर उतारने के लिए विशेष जांच दलों का गठन किया गया है, जो औचक निरीक्षण करेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करेंगे। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक विद्यालयों को ‘टोबैको फ्री’ घोषित करना है।
सख्ती के साथ-साथ इस अभियान के तहत समाज में जागरूकता फैलाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। ड्रग्स के इस्तेमाल और उससे होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति बच्चों, युवाओं और वयस्कों को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के प्रभावशाली वक्ताओं (स्पीकर्स) को चिन्हित किया जा रहा है, जो स्कूलों और महाविद्यालयों में जाकर विशेष सत्र लेंगे। इस सक्रिय और सुदृढ़ नीति के जरिए सरकार का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों के आसपास एक ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना है, जिससे आने वाली पीढ़ी को नशे जैसी सामाजिक बुराई से पूरी तरह दूर रखा जा सके।
