उत्तर प्रदेश के लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए जुलाई का महीना राहत लेकर आया है. इस बार बिजली के बिल में 4.43 प्रतिशत तक की कमी देखने को मिलेगी. खास बात यह है कि इसका लाभ सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों, दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और उद्योगों समेत हर श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलेगा. पिछले 15 महीनों में यह बिजली दरों में मिलने वाली सबसे बड़ी मासिक राहत मानी जा रही है.
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के निर्देशों के आधार पर जुलाई के लिए संशोधित फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (FPPA) सरचार्ज जारी किया है. अप्रैल 2026 में बिजली खरीद की वास्तविक लागत का आकलन करने के बाद फ्यूल सरचार्ज माइनस 4.43 प्रतिशत तय किया गया. इसी वजह से जुलाई के बिजली बिल में उपभोक्ताओं को सीधे राहत मिलेगी.
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
नई व्यवस्था का असर राज्य के सभी उपभोक्ताओं पर दिखाई देगा. शहरों और गांवों में रहने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल कम होंगे. इसके अलावा किसानों, व्यापारियों, दुकानदारों और औद्योगिक इकाइयों को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा. अनुमान है कि इस कटौती के बाद प्रदेश के उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर करीब 358.31 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी. इससे पहले मार्च महीने में बिजली बिल पर 2.42 प्रतिशत की राहत दी गई थी, जबकि जुलाई में यह राहत बढ़ाकर 4.43 प्रतिशत कर दी गई है.
उपभोक्ता परिषद ने क्या कहा?
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि अगर ईंधन अधिभार शुल्क यानी फ्यूल सरचार्ज की गणना पूरी पारदर्शिता और सही तरीके से की जाती रही, तो भविष्य में भी उपभोक्ताओं को इसी तरह का लाभ मिलता रहेगा. उनका मानना है कि इस फैसले से खास तौर पर किसानों, ग्रामीण परिवारों और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी. बढ़ती महंगाई के बीच बिजली बिल में यह कमी लोगों के मासिक खर्च को कुछ हद तक कम करने में मददगार साबित हो सकती है.
