Tuesday, November 3, 2026
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Ajab Gajab MP: सबसे बड़ी ग्राम पंचायत 5 साल से सचिव विहीन, पूरा जिम्मा PCO पर, लगे भ्रष्टाचार के आरोप

सिवनी/खबर डिजिटल/संतोष वन्देवार/ Ajab Gajab MP: सिवनी जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कान्हीवाड़ा इन दिनों विकास कार्यों के लिए नहीं, बल्कि प्रशासनिक मनमानी और भ्रष्टाचार के अजीबोगरीब मामलों को लेकर सुर्खियों में है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले 5 वर्षों से इस महत्वपूर्ण ग्राम पंचायत में कोई स्थाई सचिव ही तैनात नहीं है। पूरा जिम्मा PCO (पंचायत समन्वयक अधिकारी) रामकुमार सूर्यवंशी के कंधों पर है। आलम यह है कि नियमों को ताक पर रखकर पंचायत में ऐसे-ऐसे खेल खेले जा रहे हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।

नियमों की धज्जियां पंचों के बिना प्रस्ताव के बना दी ₹3,37,000 की ‘रोड के ऊपर रोड’

ग्राम पंचायत कान्हीवाड़ा में वित्तीय अनियमितताओं का एक बड़ा मामला सामने आया है। नियमों के मुताबिक किसी भी निर्माण कार्य के लिए पंचायत बॉडी या पंचों का प्रस्ताव अनिवार्य होता है। लेकिन यहाँ PCO की ‘बल्ले-बल्ले’ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिना किसी पंच प्रस्ताव के 3 लाख 37 हजार रुपये की लागत से पुरानी रोड के ऊपर ही नई रोड सैंक्शन कर बना दी गई।

कागजों पर नाली, जमीन पर गायब फिर भी लग रहे बिल

भ्रष्टाचार की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। इस ₹3,37,000 की सड़क निर्माण के साथ तकनीकी मापदंडों के अनुसार नाली का निर्माण भी होना था। मौके पर नाली का नामोनिशान तक नहीं है लेकिन इसके बावजूद नाली निर्माण के बिल धड़ल्ले से लगाए जा रहे हैं। सरकारी राशि का यह खुला दुरुपयोग PCO की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जनता बेहाल, वार्ड तरस रहे

एक तरफ कागजों पर बिना प्रस्ताव के लाखों के वारे-न्यारे हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कान्हीवाड़ा के कई वार्ड आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। कई मोहल्लों में न तो चलने के लिए पक्की सड़कें हैं और न ही जल निकासी के लिए नालियां।

कान्हीवाड़ा की जनता से ‘माय-मौसी’ का व्यवहार

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि PCO रामकुमार सूर्यवंशी द्वारा कान्हीवाड़ा की जनता के साथ ‘माय-मौसी’ व्यवहार किया जा रहा है। चहेते क्षेत्रों में बिना नियम-प्रक्रिया के काम हो रहे हैं, जबकि जरूरतमंद वार्डों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। 5 साल से एक ही अधिकारी के भरोसे चल रही इस सबसे बड़ी पंचायत के प्रति जिला प्रशासन की यह चुप्पी अब क्षेत्र में चर्चा और आक्रोश का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने अब इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और कान्हीवाड़ा में स्थाई सचिव की नियुक्ति की मांग की है।

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