Tuesday, November 3, 2026
Homeमध्यप्रदेशPratima Bagri Case: मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बड़ा झटका? इस मंत्री की...

Pratima Bagri Case: मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बड़ा झटका? इस मंत्री की हो सकती है छुट्टी! दस्तावेज नहीं दिए तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

मध्य प्रदेश सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने उन्हें 6 जुलाई को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है. इस कार्रवाई के बाद उनके मंत्री पद को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए गए या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो उनकी कुर्सी पर संकट गहरा सकता है.

कांग्रेस नेता की याचिका के बाद शुरू हुई कार्रवाई

यह पूरा मामला कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार द्वारा दायर की गई याचिका से जुड़ा है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रतिमा बागरी ने फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ लिया और रैगांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा. याचिकाकर्ता का दावा है कि संबंधित क्षेत्र में बागरी जाति अनुसूचित जाति की सूची में शामिल नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिमा बागरी राजपूत समुदाय से संबंध रखती हैं और उन्हें एससी वर्ग का लाभ नहीं मिलना चाहिए.

हाईकोर्ट के निर्देश पर होगी जांच

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं. अदालत ने कहा है कि सभी संबंधित पक्षों को सुनने के बाद यह तय किया जाए कि प्रतिमा बागरी का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र वैध है या नहीं. इसी आदेश के बाद जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है.

6 जुलाई को दस्तावेजों के साथ होना होगा पेश

जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में प्रतिमा बागरी को 6 जुलाई को समिति के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है. उन्हें अपने जाति प्रमाण पत्र और उससे जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे. समिति इन दस्तावेजों की जांच कर यह तय करेगी कि प्रमाण पत्र नियमों के अनुरूप जारी किया गया था या नहीं.

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

नोटिस जारी होने के बाद प्रतिमा बागरी एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गई हैं. प्रदेश में पहले से ही मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें चल रही हैं. ऐसे समय में उनके खिलाफ जांच शुरू होने से राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि अंतिम फैसला जांच समिति की रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा. फिलहाल सभी की नजर 6 जुलाई को होने वाली सुनवाई और उसके बाद होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई है.

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लेटेस्ट