Bhopal Coaching Sealed: राजधानी भोपाल में छात्रों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करने पर एमपी नगर स्थित दुर्रानी अकादमी और अनअकेडमी सेंटर को सील कर दिया गया। नगर निगम, जिला प्रशासन और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को दोनों संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि पहले दिए गए नोटिस के बावजूद फायर सुरक्षा से जुड़ी कमियों को समय सीमा के भीतर दूर नहीं किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दोनों कोचिंग संस्थानों का संचालन बंद करा दिया।
नोटिस के बाद भी नहीं किए गए जरूरी सुधार
प्रशासन के अनुसार दोनों कोचिंग संस्थानों को पहले ही फायर सेफ्टी से जुड़ी खामियों को दूर करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। संस्थानों को पर्याप्त समय भी दिया गया था ताकि वे सभी सुरक्षा मानकों को पूरा कर सकें। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद जब संयुक्त टीम दोबारा निरीक्षण के लिए पहुंची तो पाया गया कि अधिकांश कमियां अब भी बनी हुई थीं। इसके बाद अधिकारियों ने पंचनामा तैयार कर दोनों संस्थानों को मौके पर ही सील कर दिया।
निरीक्षण में सामने आईं कई सुरक्षा खामियां
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि दोनों संस्थानों में फायर एनओसी से जुड़े जरूरी मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था। सुरक्षित निकासी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। इसके अलावा आग लगने की स्थिति में इस्तेमाल होने वाले कई जरूरी फायर फाइटिंग उपकरण या तो उपलब्ध नहीं थे या फिर सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मानकों के अनुरूप होना जरूरी है।
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संयुक्त टीम की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार दीपक द्विवेदी, नगर निगम के उपायुक्त भुवन गुप्ता, जोनल अधिकारी शैलेष चौहान, फायर विभाग के अधिकारी इफ्तिखार खान और पंकज खरे सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई और कार्रवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया भी पूरी की गई।
सभी सुरक्षा मानक पूरे होने तक नहीं मिलेगी अनुमति
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोनों कोचिंग संस्थान फायर सेफ्टी से जुड़े सभी मानकों को पूरा नहीं करेंगे, तब तक उन्हें दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। संबंधित संस्थानों को सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने के बाद संबंधित विभाग से दोबारा जांच करानी होगी। संतोषजनक रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की अनुमति पर निर्णय लिया जाएगा।
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छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र और उनके अभिभावक कोचिंग सेंटर पहुंच गए। अचानक कोचिंग संस्थान बंद होने से कई विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अभिभावकों ने आगामी परीक्षाओं और कक्षाओं को लेकर चिंता व्यक्त की। प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता और छात्रों की जान सबसे पहली प्राथमिकता है।
राजधानी में लगातार चलेगा जांच अभियान
नगर निगम और जिला प्रशासन ने साफ किया है कि राजधानी में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान को छूट नहीं दी जाएगी। आने वाले दिनों में स्कूल, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी नियमित जांच की जाएगी। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं मिलेगा, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
