मध्य प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी खबर सामने आई है. करीब एक दशक से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया अब धीरे-धीरे गति पकड़ने लगी है. सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को 162 सहायक ग्रेड-2 कर्मचारियों को पदोन्नत करते हुए उन्हें सहायक अनुभाग अधिकारी के पद पर नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं. इन कर्मचारियों को उसी विभाग और कार्यालय में पदोन्नति दी गई है, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं.
2016 से अटकी हुई थी पदोन्नति
प्रदेश में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति वर्ष 2016 से लंबित थी. लंबे समय तक कानूनी और प्रशासनिक कारणों से यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी. अब राज्य सरकार ने पदोन्नति नियम 2025 के प्रावधानों के तहत विभागों को पदोन्नति की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं. इसके बाद अलग-अलग विभागों ने क्रमवार पदोन्नति आदेश जारी करना शुरू कर दिया है.
तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है, उन्हें तत्काल अपने नए पद का कार्यभार ग्रहण करना होगा. इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को वर्तमान पद से कार्यमुक्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं. विभाग ने यह भी साफ किया है कि यह पूरी पदोन्नति प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट अथवा हाई कोर्ट में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी. यदि भविष्य में न्यायालय का कोई अलग आदेश आता है, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
वेतन निर्धारण के लिए एक माह का समय
पदोन्नत कर्मचारियों को वेतन निर्धारण के संबंध में आदेश प्राप्त होने की तारीख से एक महीने के भीतर अपना विकल्प संबंधित विभाग को देना होगा. इसके आधार पर उनके नए वेतन का निर्धारण किया जाएगा. साथ ही यह भी तय किया गया है कि सभी पदोन्नत कर्मचारी सिविल सेवा नियमों के अनुसार दो वर्ष की परीक्षण अवधि पर रहेंगे. इस दौरान उनके कार्य और प्रदर्शन का मूल्यांकन भी किया जाएगा.
इन कर्मचारियों को मिला प्रमोशन
जिन कर्मचारियों को सहायक अनुभाग अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया गया है, उनमें आशीष कुल्हाड़े, संजय कुमार राठौर, विजय कुमार बुधवानी, गीता सिंह, पवन यादव, प्रेम कुमार वर्मा, सीमा मालवीय और अर्चना वासनिक सहित कुल 162 कर्मचारी शामिल हैं. माना जा रहा है कि यह शुरुआत है और आने वाले दिनों में अन्य विभागों में भी लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों की प्रक्रिया तेज होगी. इससे हजारों शासकीय कर्मचारियों को भी जल्द राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
