मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 5 लाख करोड़ रुपये की वार्षिक साख योजना लागू करने का फैसला किया है. इस योजना का उद्देश्य प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देना और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना है. सरकार ने इस बार कृषि, उद्योग और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण सेक्टरों को विशेष प्राथमिकता दी है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ औद्योगिक विकास को भी गति मिल सके.
किसानों के लिए बड़ा ऋण लक्ष्य
नई साख योजना में कृषि क्षेत्र को सबसे अधिक महत्व दिया गया है. सरकार ने किसानों के लिए 1,65,117 करोड़ रुपये का ऋण लक्ष्य तय किया है. इसमें से 88,638 करोड़ रुपये फसल ऋण के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे. सरकार का मानना है कि समय पर मिलने वाली वित्तीय सहायता से किसानों को खेती में आसानी होगी, उत्पादन बढ़ेगा और खेती से जुड़ी आर्थिक चुनौतियां भी कम होंगी.
जिला स्तर पर होगा प्रभावी क्रियान्वयन
मंत्रालय में आयोजित बैठक के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वित्त विभाग और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों से तैयार किए गए जिला क्रेडिट प्लान को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रशासन और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल से ही योजना का पूरा लाभ लोगों तक पहुंच सकेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
MSME सेक्टर को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी MSME सेक्टर के लिए भी बड़ा ऋण लक्ष्य तय किया है. इस क्षेत्र के लिए 1,62,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इससे नए उद्योग शुरू करने, छोटे कारोबार का विस्तार करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
ग्रीन एनर्जी पर भी सरकार का फोकस
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी ऋण लक्ष्य बढ़ाया गया है. इस फैसले से सौर ऊर्जा और अन्य हरित ऊर्जा परियोजनाओं को वित्तीय सहायता मिलने में आसानी होगी. सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल विकास को भी नई दिशा मिलेगी.
बैंकिंग संस्थानों का मिलेगा सहयोग
इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, भारतीय स्टेट बैंक और अन्य प्रमुख बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. सरकार को भरोसा है कि बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से यह साख योजना निवेश बढ़ाने, उत्पादन को गति देने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी. इससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
