मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर संभावित उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है. पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद यह सीट खाली हो गई है. अब कांग्रेस इस सीट पर मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी में जुटी है. पार्टी के भीतर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है और उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला जल्द होने की संभावना जताई जा रही है.
तीन नामों पर चल रहा मंथन
पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व ने दिल्ली और भोपाल में हुई चर्चाओं के बाद तीन संभावित नामों का पैनल तैयार किया है. इनमें सबसे आगे राजेंद्र भारती की पत्नी शोभा भारती का नाम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि पार्टी सहानुभूति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन पर दांव खेल सकती है. हालांकि कांग्रेस ने अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. पार्टी संगठन स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय, क्षेत्रीय समीकरण और जीत की संभावनाओं का आकलन करने के बाद अंतिम फैसला लेना चाहती है.
अवधेश नायक और घनश्याम सिंह भी दावेदार
शोभा भारती के अलावा कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों की सूची में अवधेश नायक और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह का नाम भी चर्चा में है. अवधेश नायक वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए गए थे, लेकिन बाद में पार्टी ने टिकट बदलकर राजेंद्र भारती को उम्मीदवार बना दिया था.
इसके बावजूद अवधेश नायक ने पार्टी के खिलाफ कोई नाराजगी नहीं दिखाई और पूरे चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में सक्रिय प्रचार किया. यही वजह है कि इस बार भी उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है. वहीं घनश्याम सिंह जिले की राजनीति का अनुभवी चेहरा हैं और उनका भी संगठन में अच्छा प्रभाव माना जाता है.
कैसे खाली हुई दतिया विधानसभा सीट
दतिया सीट वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उस समय सुर्खियों में आई थी, जब कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को चुनाव में हराया था, लेकिन अप्रैल में नई दिल्ली की एक अदालत ने एक पुराने मामले में राजेंद्र भारती को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के नियमों के अनुसार दो वर्ष या उससे अधिक की सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है. इसी प्रावधान के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हुई और दतिया सीट रिक्त घोषित कर दी गई.
सपा और बसपा भी बदल सकती हैं मुकाबले की तस्वीर
दतिया उपचुनाव में केवल भाजपा और कांग्रेस ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी सक्रिय दिखाई दे रही हैं. यदि दोनों दल मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं तो मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकता है. ऐसे में वोटों का बंटवारा चुनावी नतीजों पर बड़ा असर डाल सकता है.
प्रशासन ने भी तेज की चुनावी तैयारियां
राजनीतिक दलों के साथ-साथ जिला प्रशासन ने भी संभावित उपचुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचकर स्ट्रांग रूम, मतगणना केंद्र और निर्वाचन सामग्री वितरण स्थल का निरीक्षण किया.अधिकारियों ने चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही मतदान से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया गया है.
उम्मीदवारों के ऐलान पर टिकी सबकी नजर
हालांकि उपचुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी होना बाकी है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों और प्रशासनिक तैयारियों ने साफ कर दिया है कि दतिया में चुनावी माहौल पूरी तरह बन चुका है. अब सबसे ज्यादा उत्सुकता कांग्रेस के उम्मीदवार की घोषणा और भाजपा की रणनीति को लेकर है. दोनों दलों के फैसले आने के बाद दतिया का चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने की संभावना है.
